पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार दोपहर अचानक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब 2:30 बजे बैठक हुई. खास बात यह रही कि लगभग 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री और राज्यपाल की यह दूसरी मुलाकात है. कम अंतराल में हुई इस बैठक ने पंजाब के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है.
मुख्यमंत्री और राज्यपाल की बातचीत को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है. हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की अटकलें लगाई जा रही हैं. सरकार से जुड़े लंबित विषयों के साथ प्रदेश की राजनीतिक, प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की स्थिति बैठक के संभावित एजेंडे में शामिल मानी जा रही है.
बैठक में जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा उठने की संभावना भी जताई जा रही है. पंजाब में पिछले कुछ समय से हवारा की पैरोल को लेकर चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस मामले से जुड़े तथ्यों और राज्य सरकार के रुख से राज्यपाल को अवगत करा सकते हैं. हालांकि, बैठक में इस विषय पर वास्तव में चर्चा हुई या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
राज्य में किसान संगठनों की गतिविधियां भी सरकार के लिए अहम मुद्दा बनी हुई हैं. हाल में किसान संगठनों के बंद के आह्वान का कई इलाकों में असर देखने को मिला था. ऐसे में किसान आंदोलन, प्रदर्शन और इससे जुड़े प्रशासनिक हालात पर भी मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच विचार-विमर्श की संभावना है.
पंजाब की कानून-व्यवस्था बैठक का एक अन्य संभावित मुद्दा हो सकती है. मुख्यमंत्री राज्य में सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासन की तैयारियों और सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी राज्यपाल को दे सकते हैं. इसके अलावा प्रदेश के व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक हालात पर भी चर्चा संभव है.
भगवंत मान और गुलाबचंद कटारिया की कम समय में दूसरी मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है. हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई और क्या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, इसकी तस्वीर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी.