जमीन-जायदाद की ‘ईजी रजिस्ट्री’ व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब

पंजाब सरकार ने संपत्ति रजिस्ट्रेशन को सरल बनाने के लिए देश की पहली “ईजी रजिस्ट्री” व्यवस्था लागू कर दी है. इससे नागरिकों को तेज, पारदर्शी और बिना भ्रष्टाचार वाली सेवा मिलेगी, जिसमें हर स्टेप की जानकारी व्हाट्सएप पर मिलेगी.

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Sagar Bhardwaj

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में ज़मीन-जायदाद की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को नए युग में ले जाने वाली “ईज़ी रजिस्ट्री” व्यवस्था की शुरुआत की है. लंबे समय से जटिल और परेशानी भरी रही यह प्रक्रिया अब बेहद आसान और पारदर्शी हो जाएगी. नया सिस्टम लोगों को सब-रजिस्ट्रार के चक्कर, अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार से राहत देगा. सरकार का दावा है कि भारत में पहली बार किसी राज्य ने संपत्ति रजिस्ट्रेशन को इतना सुविधाजनक बनाने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम उठाया है.

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से लोग रजिस्ट्रेशन के लिए कई-कई बार दफ्तरों के चक्कर लगाते थे. अब “ईज़ी रजिस्ट्री” के तहत एक जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उसी जिले की किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री करवाई जा सकेगी. यह बदलाव लोगों का समय, मेहनत और अतिरिक्त खर्च बचाएगा तथा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाएगा.

आसान रजिस्ट्री से जुड़े बड़े फायदे

सरकार के अनुसार नागरिक मात्र 500 रुपए की फीस देकर ‘सेल डीड’ ऑनलाइन या सेवा केंद्रों पर तैयार करा सकेंगे. “सरकार तुहाडे दुआर” योजना के तहत हेल्पलाइन 1076 पर कॉल करके भी सेवा ली जा सकती है. दस्तावेज़ 48 घंटे में ऑनलाइन जमा हो जाएंगे और अनावश्यक आपत्तियों पर रोक लगेगी. यदि कोई आपत्ति उठती है तो मामला तुरंत डिप्टी कमिश्नर को भेजा जाएगा.

व्हाट्सएप पर हर स्टेप की लाइव अपडेट

नई व्यवस्था में नागरिकों को रजिस्ट्रेशन की हर गतिविधि- जमा दस्तावेज़, सत्यापन, भुगतान, आपत्ति व अंतिम मंजूरी- की जानकारी व्हाट्सएप पर मिलेगी. यदि कोई रिश्वत मांगता है, तो उसी प्लेटफॉर्म पर शिकायत भी दर्ज की जा सकेगी. सरकार ने मोहाली सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को हेल्प डेस्क और बेहतर इंतज़ामों के साथ अपग्रेड भी किया है.

पूर्व की परेशानियों का समाधान

पहले रजिस्ट्रेशन केवल उस कार्यालय में होती थी जिस क्षेत्र में संपत्ति आती थी. न प्रगति की जानकारी मिलती थी, न ही आपत्तियों की स्थिति. अब 48 घंटे की समय-सीमा तय होने से प्रक्रिया समयबद्ध होगी. इससे रजिस्ट्रेशन से जुड़े अतिरिक्त खर्च भी कम होंगे और नागरिकों को राहत मिलेगी.

ड्राफ्ट माई डीड सुविधा से और सरलता

“ड्राफ्ट माई डीड” फीचर के तहत लोग सेवा केंद्र या सहायक की मदद से अपने दस्तावेज़ खुद तैयार कर सकेंगे. बैंक से लेन-देन सबूत की जरूरत न होने से चक्कर भी कम लगेंगे. रजिस्ट्रेशन पूरी होने पर व्हाट्सएप पर पुष्टि मिलेगी और नागरिक एक ही विज़िट में अपनी सेल डीड प्राप्त कर सकेंगे. सरकार का कहना है कि यह सुधार लोगों को परेशानी-मुक्त सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.