मैं लड़ता रहूंगा... कांग्रेस वड़िंग को प्रधान पद से हटा सकती है! राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले हलचल तेज

पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की चर्चा तेज है.

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Ashutosh Rai

पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाओं ने पार्टी के अंदर हलचल बढ़ा दी है. दिल्ली में हाईकमान की बैठक के बाद बदलाव की संभावना जताई जा रही है. चरणजीत चन्नी और प्रताप बाजवा का नाम चर्चा में है. वहीं राजा वड़िंग ने कहा कि कोई रहे या जाए, वह लड़ते रहेंगे.

राहुल गांधी के दौरे से पहले बदलाव की चर्चा

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल की बैठक में पंजाब संगठन को लेकर चर्चा हुई. सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से पहले पार्टी माहौल को बेहतर करना चाहती है और इसी वजह से संगठन में बदलाव पर सहमति बनी है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वड़िंग की जगह किसे प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी इस पद के दावेदार माने जा रहे हैं. वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा का नाम भी चर्चा में है. पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल 7 सितंबर को चंडीगढ़ पहुंचेंगे.

वड़िंग के खिलाफ कई नेताओं का खेमा

पार्टी के अंदर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर मतभेद लंबे समय से सामने आते रहे हैं. खबर के मुताबिक चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा वड़िंग के विरोध में खुलकर बोल चुके हैं. प्रताप बाजवा सार्वजनिक तौर पर शांत हैं लेकिन उन्हें भी वड़िंग के नेतृत्व में 2027 का चुनाव लड़ने को लेकर सहमत नहीं माना जा रहा. दोनों गुटों के बीच पोस्टर और नारेबाजी तक हो चुकी है. बरनाला, संगरूर और पटियाला में ‘राजा-बघेल हटाओ, कांग्रेस बचाओ’ जैसे नारे लगाए गए थे. चन्नी और वड़िंग के बीच दलित प्रतिनिधित्व को लेकर भी बयानबाजी हुई है, जिससे विवाद और बढ़ा.


वड़िंग को हटाना हाईकमान के लिए आसान नहीं

राजा वड़िंग को लेकर हाईकमान के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके पिछले प्रदर्शन का भी है. 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद जब चरणजीत चन्नी चुनाव नहीं जीत सके और विदेश चले गए, तब वड़िंग ने संगठन संभाला. उनकी अगुआई में 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 7 सीटें जीतीं और वड़िंग खुद भी सांसद बने. यही वजह है कि लंबे समय से संगठन संभाल रहे वड़िंग को चुनाव से पहले हटाने का फैसला आसान नहीं माना जा रहा. हालांकि चन्नी समर्थक खेमा नया नेतृत्व चाहता है. वड़िंग ने भी इन चर्चाओं के बीच साफ कहा है कि कोई आए या जाए, वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.