चंडीगढ़: आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती इन दिनों गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत के भव्य समारोह से सराबोर है. मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता, विधायक, मंत्री तथा कार्यकर्ता बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के सच्चे सेवादार की भूमिका निभा रहे हैं.
तीन दिवसीय समारोह में श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराई गई है. यह आयोजन केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रदर्शन है, न कि राजनीतिक कार्यक्रम, और पूरे पंजाब में इस समर्पित सेवा भाव की मिसाल कायम हो रही है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में, आम आदमी पार्टी के सभी मंत्री और विधायक चार नगर कीर्तनों में सच्चे सेवादार की भूमिका निभा रहे हैं. जनप्रतिनिधि अहंकार को त्यागकर गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप कार्य कर रहे हैं. हर नगर कीर्तन में सभी सदस्य नम्रता और विनम्रता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं, जिससे यह दृश्य अपने आप में अनूठा बन गया है.
पंजाब पुलिस ने इस आयोजन में 10,000 कर्मियों के साथ व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं. विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस न केवल सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा में भी सक्रिय है. डीजीपी गौरव यादव ने अधिकारियों को उच्चतम व्यावसायिकता, सहानुभूति और भक्ति के मानक बनाए रखने का निर्देश दिया. पुलिस कर्मी वर्दी में रहते हुए भी सेवादार की तरह कार्य कर रहे हैं.
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जो श्रद्धालुओं के लिए मिनी-बस, ई-रिक्शा, आम आदमी क्लीनिक और मुफ्त दवाओं की सुविधा सुनिश्चित करता है. मंत्री ने कहा कि यह मंच ‘सरबत दा भला’ की भावना को साकार करता है. इस तकनीकी व्यवस्था ने आयोजनों और श्रद्धालुओं की सेवा को बेहद आसान और सुव्यवस्थित बना दिया है.
समारोह 23 नवंबर को अखंड पाठ साहिब के साथ शुरू हुआ. इसमें अंतर्धार्मिक सम्मेलन, हेरिटेज वॉक, विधानसभा का विशेष सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य ड्रोन शो शामिल हैं. 24 नवंबर को विधानसभा का सत्र गुरु साहिब के सम्मान में आयोजित किया जाएगा, जो इतिहास में पहली बार हो रहा है. इन आयोजनों में श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया गया है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरु तेग बहादुर जी से जुड़े 142 गांवों और कस्बों के विकास के लिए 71 करोड़ रुपये जारी किए. यह केवल धन नहीं, बल्कि गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा और सेवा का प्रतीक है. पार्टी के सभी सदस्य इस आयोजन को व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर सेवा भाव के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे राजनीति से ऊपर उठकर मानवता और गुरुओं के संदेश को जीवंत किया गया है.