पंजाब कैबिनेट की सौगात: जमीन मालिकों को बड़े प्लॉट, किसानों को नई सुविधाएं

पंजाब सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं. नई व्यवस्था में किसानों और जमीन मालिकों को ज्यादा रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, छोटे किसानों के लिए राहत और बेहतर सुविधाएं देने का फैसला लिया गया है.

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Ashutosh Rai

पंजाब कैबिनेट ने जमीन मालिकों और किसानों को राहत देने के लिए लैंड पूलिंग पॉलिसी में कई अहम बदलावों को मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से मुआवजा पहले से बेहतर मिलेगा, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान होगी और राज्य में योजनाबद्ध शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी.

जमीन मालिकों को मिलेगा ज्यादा फायदा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लैंड पूलिंग पॉलिसी में बदलाव को मंजूरी दी गई. नई व्यवस्था के तहत जमीन मालिकों को पहले से ज्यादा रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट दिए जाएंगे. जो लोग रिहायशी और कमर्शियल दोनों विकल्प चुनेंगे, उन्हें प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट पहले की तरह मिलेगा, जबकि कमर्शियल प्लॉट का आकार 200 से बढ़ाकर 210 वर्ग गज कर दिया गया है. वहीं केवल रिहायशी विकल्प चुनने वालों के लिए भी प्लॉट का आकार बढ़ाया गया है. सरकार का कहना है कि इन बदलावों से जमीन देने वाले लोगों को पहले से बेहतर लाभ मिलेगा.

किसानों और विस्थापित परिवारों के लिए नई राहत

कैबिनेट ने विस्थापित परिवारों के लिए लागू नीति में भी बदलाव किए हैं. अब एक एकड़ जमीन अधिग्रहित होने पर 200 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट मिलेगा. ज्यादा जमीन देने वालों को उनकी श्रेणी के अनुसार 300 से 500 वर्ग गज तक के प्लॉट दिए जाएंगे. छोटे किसानों के लिए नया लेटर ऑफ इंटेंट सिस्टम शुरू किया गया है. इसके साथ ही सुविधा प्रमाण पत्र की वैधता दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी गई है. सरकार का मानना है कि इससे किसानों को अपनी योजना बनाने और लाभ लेने के लिए ज्यादा समय मिलेगा.


स्टाम्प ड्यूटी में छूट और बेहतर सुविधाएं

नई पॉलिसी के तहत विकसित प्लॉट लेने वाले मूल जमीन मालिकों को स्टाम्प ड्यूटी और उससे जुड़े अन्य शुल्क नहीं देने होंगे. सरकार ने यह भी तय किया है कि पात्र स्थानों पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट का लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा ट्यूबवेल कनेक्शन की सुविधा और पसंदीदा स्थानों पर प्लॉट आवंटन में किसानों को प्राथमिकता मिलेगी. सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मकसद जमीन अधिग्रहण को पारदर्शी बनाना, किसानों का भरोसा बढ़ाना और पूरे पंजाब में बेहतर शहरी विकास को आगे बढ़ाना है.