पैगंबर मोहम्मद पर कथित विवादित टिप्पणी के खिलाफ फतेहगढ़ साहिब में प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
फतेहगढ़ साहिब के रोजा शरीफ में मुस्लिम समुदाय ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई.
चंडीगढ़: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब स्थित रोजा शरीफ में शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संबंध में कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की. पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ.
प्रदर्शन के दौरान समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी व्यक्त की. प्रदर्शन का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य अपनी भावनाओं को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंचाना है. उन्होंने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराया.
धार्मिक भावनाएं आहत होने का दावा
रोजा शरीफ के खलीफा सैयद मोहम्मद सदीक रजा मुजद्दी समेत कई मुस्लिम नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कथित टिप्पणी की निंदा की. उनका कहना था कि किसी भी धर्म या उसके पूजनीय व्यक्तित्व के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती. उन्होंने दावा किया कि इस घटना से देश और विदेश में रहने वाले मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.
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कानूनी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान देता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने ज्ञापन में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शीघ्र कानूनी कदम उठाने की मांग भी रखी.
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने कहा कि सभी धर्मों और उनके पूजनीय व्यक्तित्वों का सम्मान किया जाना चाहिए. उनके अनुसार इस तरह के विवादित बयान समाज में तनाव और आपसी वैमनस्य बढ़ा सकते हैं. उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में समय पर कार्रवाई होने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत रहेगा.
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा विरोध
प्रदर्शन के समापन पर समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया और कानून पर पूरा भरोसा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सक्षम एजेंसियां मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा.