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सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में कल होगी कैबिनेट बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

पंजाब कैबिनेट की बैठक 21 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में होगी. भर्ती, कर्मचारियों, किसानों और जनहित से जुड़े फैसलों पर चर्चा की उम्मीद है. सरकार आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कई अहम निर्णय ले सकती है.

Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने सोमवार 21 जुलाई को कैबिनेट बैठक बुलाई है. यह बैठक दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास पर आयोजित होगी. सरकार ने अभी तक बैठक का आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें भर्ती, कर्मचारियों, किसानों, उद्योगों और आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी. इसके अलावा आगामी मानसून सत्र की रणनीति और जनहित से जुड़े प्रस्तावों पर भी मंत्रिमंडल विचार कर सकता है.

सूत्रों के अनुसार सरकार इस समय ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिनका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे. सर्विस क्लास, किसान, उद्योग और युवाओं से जुड़े प्रस्ताव बैठक का हिस्सा बन सकते हैं. विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार जनकल्याण से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता देने की तैयारी में है. ऐसे में इस बैठक पर सभी वर्गों की नजर बनी हुई है.

मानसून सत्र की रणनीति भी बनेगी

कैबिनेट बैठक में केवल प्रशासनिक फैसलों पर ही नहीं, बल्कि आगामी मानसून सत्र को लेकर भी रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है. सरकार विधायी कार्यों की रूपरेखा तय करने के साथ विपक्ष के संभावित मुद्दों पर भी चर्चा कर सकती है. माना जा रहा है कि आगामी सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जा सकते हैं.


पिछली बैठक में कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत

8 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 51 सरकारी विभागों के 65 हजार से अधिक कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में दो विशेष विधेयकों को मंजूरी दी गई थी. सरकार ने ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ग्रुप 'सी' और 'डी' कर्मचारियों को सीधे सरकारी अनुबंध से जोड़ने का फैसला लिया था. साथ ही भविष्य में उन्हें नियमित करने का रास्ता भी तैयार किया गया.

स्कूल फीस और कानून व्यवस्था पर अहम फैसले

19 जून 2026 की बैठक में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर अधिकतम 5 प्रतिशत की सीमा तय की गई थी. तीन वर्षों में तय सीमा से अधिक फीस लेने वाले स्कूलों को अतिरिक्त राशि लौटाने का प्रावधान किया गया. नियम तोड़ने पर जुर्माने से लेकर स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की व्यवस्था भी तय की गई. इसी बैठक में फॉरेंसिक साइंस सर्विसेज निदेशालय और भ्रष्टाचार मामलों के लिए सात विशेष अदालतों को भी मंजूरी मिली.

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी फोकस

पिछली कैबिनेट बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से फार्म स्टे नीति को भी मंजूरी दी गई थी. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार होंगे. अब 21 जुलाई की बैठक से भी ऐसी ही जनहितकारी घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है, जिनका असर राज्य के अलग-अलग वर्गों पर दिखाई दे सकता है.