पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला! स्कूल फीस पर लगेगी लगाम, कर्मचारियों को राहत और पेड़ काटने पर सख्त नियम
पंजाब कैबिनेट ने निजी स्कूल फीस नियंत्रण, आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत, तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अहम फैसलों को मंजूरी दी. नए नियमों का असर शिक्षा, रोजगार और हरित विकास पर पड़ेगा.
पंजाब सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी है. शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े इन निर्णयों का उद्देश्य आम लोगों को राहत देना और सरकारी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है. सरकार जल्द ही इन प्रस्तावों को विधानसभा में भी पेश करेगी.
निजी स्कूल फीस और कर्मचारियों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर नियंत्रण लगाने के लिए फीस रेगुलेशन संशोधन बिल-2026 को मंजूरी दी. नए प्रावधान के तहत वार्षिक फीस में अधिकतम 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी ही की जा सकेगी. फीस की निगरानी के लिए एक नियामक संस्था बनाई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जाएगा. वहीं लगातार पांच वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था के तहत लाने का निर्णय भी लिया गया.
डिजिटल शिक्षा और कर्मचारियों की सेवाओं पर फैसला
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए होशियारपुर और पटियाला में तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मंजूरी दी गई. इसके साथ ही ग्रामीण विकास विभाग के सर्विस प्रोवाइडर, वेटरनरी फार्मासिस्ट और सफाई सेवकों सहित 1,600 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं अगले एक वर्ष के लिए बढ़ा दी गईं. लोक निर्माण विभाग में 19 नए सिविल ड्राफ्ट्समैन पद भी सृजित किए जाएंगे.
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पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त नियम
कैबिनेट ने पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज बिल-2026 को भी मंजूरी दी. नए कानून के अनुसार एक पेड़ काटने पर दस नए पेड़ लगाना अनिवार्य होगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पहली बार 10 हजार रुपये और दोबारा उल्लंघन पर अधिक जुर्माना लगाया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा.