7 लोगों पर गंभीर आरोप लगाकर VIDEO किया पोस्ट, फिर लापता हुए ASI; नहर में सर्च ऑपरेशन जारी

फिरोजपुर में तैनात पंजाब पुलिस के एएसआई गुरदयाल सिंह के लापता होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. लापता होने से पहले जारी वीडियो के आधार पर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

फिरोजपुर: पंजाब के फिरोजपुर जिले में तैनात पुलिस अधिकारी के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला गंभीर जांच का विषय बन गया है. सहायक उपनिरीक्षक गुरदयाल सिंह के गायब होने से पहले सामने आए एक वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को नई दिशा दे दी है. वीडियो में लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस ने उनकी पत्नी की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही पुलिस, गोताखोरों और तकनीकी टीमों की मदद से लापता एएसआई की तलाश और पूरे मामले की जांच जारी है.

फिरोजपुर के मक्खू क्षेत्र में 112 हेल्पलाइन पर तैनात एएसआई गुरदयाल सिंह के लापता होने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है. उनके गायब होने से पहले इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने सात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए. वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी.

पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने एएसआई की पत्नी सुरजीत कौर के बयान के आधार पर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. शिकायत में वीडियो में लगाए गए आरोपों को भी शामिल किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.


वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

वीडियो में एएसआई ने दावा किया कि पत्नी के पार्षद चुनाव लड़ने के बाद कुछ लोग लगातार उनके परिवार को निशाना बना रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई. साथ ही कथित तौर पर 30 से 35 लाख रुपये की मांग का भी जिक्र किया गया.

तलाश अभियान लगातार जारी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीमें नहर क्षेत्र में पहुंच गईं. पूरे इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक एएसआई का कोई सुराग नहीं मिला था. पुलिस का कहना है कि तलाश अभियान पूरी गंभीरता के साथ जारी रहेगा.

डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी जांच

जिला पुलिस के अनुसार मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्राथमिकता एएसआई का पता लगाने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की है.