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प्राइवेट बुक सेलर्स की मनमानी खत्म! PSEB ने लॉन्च किया 'पुस्तक पोर्टल', किताबों पर मिलेगी 15% छूट

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 'पुस्तक पोर्टल' लॉन्च कर छात्रों और अभिभावकों को रियायती दरों पर किताबें उपलब्ध कराने की शुरुआत की है. इस पहल से ओवरचार्जिंग पर रोक लगेगी और 12 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
प्राइवेट बुक सेलर्स की मनमानी खत्म! PSEB ने लॉन्च किया 'पुस्तक पोर्टल', किताबों पर मिलेगी 15% छूट
Courtesy: PSEB

पंजाब में स्कूली शिक्षा को अधिक पारदर्शी और छात्रों के लिए किफायती बनाने की दिशा में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने 'पुस्तक पोर्टल' नाम से अपना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जिसके माध्यम से छात्र, अभिभावक और स्कूल सीधे ऑनलाइन किताबें खरीद सकेंगे. इस व्यवस्था का उद्देश्य निजी पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी पर रोक लगाना और निर्धारित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना है. इससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.

 ऑनलाइन ऑर्डर पर मिलेगी 15 प्रतिशत की छूट

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन (सेवानिवृत्त आईएएस) डॉ. अमरपाल सिंह के अनुसार, पोर्टल के माध्यम से ऑर्डर की गई सभी पाठ्यपुस्तकों पर प्रिंट मूल्य के मुकाबले 15 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी. इससे निजी विक्रेताओं द्वारा अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायतों पर अंकुश लगेगा. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कूल केवल किताबों के वितरण में सहयोग करेंगे और निर्धारित मूल्य से एक रुपये भी अधिक नहीं ले सकेंगे. बोर्ड ने पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की 361 पाठ्यपुस्तक शीर्षकों के तहत करीब 2.25 करोड़ किताबें प्रकाशित की हैं.

 डिलीवरी के लिए बनाए गए दो आसान विकल्प

छात्रों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने पूरे पंजाब में 97 डिलीवरी एवं पिक-अप सेंटर स्थापित किए हैं. इन केंद्रों से स्वयं किताबें लेने पर किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा. इसके अलावा बोर्ड के जिला कार्यालयों से भी सीधे जाकर 15 प्रतिशत छूट के साथ किताबें खरीदी जा सकती हैं. घर तक किताबें पहुंचाने के लिए PSEB ने भारतीय डाक विभाग के साथ साझेदारी की है. 'ज्ञान पोस्ट' योजना के तहत पांच किलोग्राम तक के पार्सल पर केवल 20 रुपये से 100 रुपये तक का डिलीवरी शुल्क निर्धारित किया गया है.

12 लाख छात्रों को होगा आर्थिक लाभ

बोर्ड का अनुमान है कि इस नई व्यवस्था से राज्य के 12 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. हर वर्ष किताबों पर होने वाला अतिरिक्त खर्च कम होगा और कुल मिलाकर लगभग 2.15 करोड़ रुपये की बचत संभव होगी. यह पहल शिक्षा को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. साथ ही छात्रों को समय पर निर्धारित मूल्य पर पुस्तकें उपलब्ध कराने में भी यह व्यवस्था मददगार साबित होगी.

 सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलती रहेंगी मुफ्त किताबें

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इस पोर्टल के माध्यम से किताबें खरीदने की आवश्यकता नहीं है. राज्य सरकार की मौजूदा योजना के तहत उन्हें पहले की तरह नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी. बोर्ड के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सरकारी स्कूलों में किताबों की आपूर्ति पहले ही पूरी की जा चुकी है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके.