पंजाब में 86% प्री-मैपिंग पूरी, 95% के साथ टॉप पर मानसा जिला; बीएलओ की सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग के सख्त निर्देश
पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बीएलओ की सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. अधिकारियों को रोजाना समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं, जबकि मानसा जिले में सबसे अधिक 95 प्रतिशत प्री-मैपिंग दर्ज की गई.
पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बीच चुनाव आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू की गई है और रोजाना फीडबैक लिया जाएगा.
बीएलओ की सुरक्षा के लिए रोजाना होगी निगरानी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने सभी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करें. इसके लिए एक विशेष डिजिटल लिंक तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से पूरे एक महीने तक नियमित संवाद होगा. इस दौरान बीएलओ अपनी समस्याएं, सुझाव और फील्ड की स्थिति सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे. चुनाव आयोग का मानना है कि एसआईआर अभियान की सफलता में बीएलओ की भूमिका सबसे अहम है, इसलिए उनकी सुरक्षा और मनोबल बनाए रखना जरूरी है.
दुर्व्यवहार की शिकायतों पर होगी तत्काल कार्रवाई
प्री-मैपिंग चरण के दौरान कुछ बीएलओ ने लोगों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें दर्ज कराई थी. इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी बीएलओ के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आती है तो संबंधित अधिकारी तुरंत कार्रवाई करेंगे. अनिंदिता मित्रा ने कहा कि बीएलओ इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए. आयोग चाहता है कि घर-घर जाकर चल रहे इस अभियान में कर्मचारियों को सुरक्षित और सहयोगपूर्ण माहौल मिले ताकि मतदाता सूची का काम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके.
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प्री-मैपिंग में मानसा सबसे आगे
पंजाब में अब तक 86.02 प्रतिशत प्री-मैपिंग पूरी हो चुकी है. जिलों की बात करें तो मानसा 95.07 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है. वहीं मोहाली में यह आंकड़ा 69.05 प्रतिशत रहा, जो सबसे कम है. अधिकारियों के अनुसार मोहाली में पिछले दो दशकों में तेजी से शहरी विस्तार हुआ है, नए आवासीय क्षेत्र और हाईराइज इमारतें बनी हैं, जिसके कारण मैपिंग चुनौतीपूर्ण रही. हालांकि, आयोग का कहना है कि एसआईआर अभियान के दौरान सभी छूटे हुए क्षेत्रों को कवर कर लिया जाएगा. कई अन्य जिलों में भी 85 से 93 प्रतिशत तक प्री-मैपिंग पूरी हो चुकी है.