पाकिस्तान जासूसी मामले में जांच तेज, रडार पर 15 से ज्यादा संदिग्ध, कई राज्यों में छापेमारी

पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है. पुलिस ने 15 से अधिक संदिग्ध लोगों की पहचान कर कई राज्यों में तलाश शुरू कर दी है.

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Meenu Singh

जालंधर: पंजाब के जालंधर में सामने आए कथित जासूसी मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. शुरुआती जांच में कई ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जो आरोपियों के लगातार संपर्क में बताए जा रहे हैं. पुलिस उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है और डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग गतिविधियों तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.

जांच के दायरे में 15 से ज्यादा लोग

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच के दौरान 15 से ज्यादा लोगों की पहचान की गई है. इनमें रिश्तेदार, करीबी परिचित और कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं. फिलहाल किसी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.

कई राज्यों में चल रही तलाश

जांच एजेंसियां पंजाब के अलावा अन्य राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन लोगों का कथित जासूसी नेटवर्क से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


हिरासत में लिए गए कुछ संदिग्ध

मामले से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है. जांच के दौरान मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात भी सामने आई है.

बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल

जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, ऑनलाइन लेनदेन और विदेशी नंबरों से हुए संपर्क की भी बारीकी से जांच कर रही हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं आर्थिक लेनदेन के जरिए किसी बड़े नेटवर्क का संचालन तो नहीं किया जा रहा था.

तीन आरोपियों से शुरू हुई जांच

इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सचिन खोसला, भारत वर्मा उर्फ सन्नी और प्रदीप सिंह शामिल हैं. पुलिस का आरोप है कि ये लोग पाकिस्तान में मौजूद कुछ व्यक्तियों के संपर्क में थे और संवेदनशील सूचनाएं साझा करने की गतिविधियों में शामिल होने की आशंका है. फिलहाल जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.