पंजाब में कचरा प्रबंधन के नए नियम लागू, उल्लंघन पर जुर्माना और सामुदायिक सेवा
पंजाब सरकार ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सेनिटेशन बाइलॉज जारी कर दिए हैं. स्थानीय निकाय विभाग के इन नियमों के मुताबिक अब खुले में कचरा फेंकने या घर में गीले-सूखे कचरे को अलग न रखने वाले लोगों को सख्त सजा का सामना करना पड़ सकता है.
पंजाब: पंजाब सरकार ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सेनिटेशन बाइलॉज जारी कर दिए हैं. स्थानीय निकाय विभाग के इन नियमों के मुताबिक अब खुले में कचरा फेंकने या घर में गीले-सूखे कचरे को अलग न रखने वाले लोगों को सख्त सजा का सामना करना पड़ सकता है. जुर्माना न भरने पर सामुदायिक सेवा भी करनी होगी.
पंजाब में कचरा प्रबंधन के नए नियम लागू
नए नियमों में साफ कहा गया है कि सड़क, पार्क या किसी भी सार्वजनिक जगह पर कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है. घरों में कचरे का सही सेग्रीगेशन यानी गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखना अनिवार्य है. अगर कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माने की रकम समय पर जमा न कराने वाले को एक घंटे तक सड़क पर झाड़ू लगाने या दीवारों की सफाई जैसी सामुदायिक सेवा करनी पड़ सकती है.
उल्लंघन पर जुर्माना और सामुदायिक सेवा
कॉलोनियों के घरों में कचरे का सेग्रीगेशन न करने पर एक हजार रुपये जुर्माना तय किया गया है. 50 से 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले घरों के लिए भी यही जुर्माना लागू होगा. इन घरों से खुले या सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने पर जुर्माना दो हजार रुपये तक हो सकता है. खाने-पीने की दुकानें, मिठाई की दुकानें, कॉफी हाउस और कैंटीन अगर खुले में कचरा फेंकती हैं तो उन पर तीन हजार रुपये जुर्माना लगेगा. शराब के ठेकों के लिए जुर्माना दस हजार रुपये रखा गया है. ब्यूटी पार्लर और सैलून पर चार हजार से दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
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सरकार ने कचरा उठान का शुल्क भी तय कर दिया है. इससे शहरों और कस्बों में नियमित सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही के कारण शहर गंदे हो रहे हैं. इसलिए अब नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा.
ये बाइलॉज पूरे पंजाब में लागू होंगे. स्थानीय निकाय विभाग ने चेतावनी दी है कि स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी है. नियमों का पालन न करने वाले लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ शारीरिक श्रम भी करना पड़ सकता है. नागरिकों से अपील की गई है कि वे घर से ही कचरा अलग रखें और सार्वजनिक जगहों को साफ रखें. इससे न केवल शहर स्वच्छ रहेंगे बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी कम होंगी.