अमृत भारत योजना का बड़ा असर, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जल्द खत्म होगी पार्किंग की टेंशन
अमृत भारत योजना के तहत चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 10,000 वर्ग मीटर में नई पार्किंग बनाई जा रही है. करीब डेढ़ महीने में तैयार होने वाली इस पार्किंग में 700 से 800 वाहन खड़े किए जा सकेंगे.
चंडीगढ़: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए अमृत भारत योजना के तहत तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं. वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन परियोजना के अंतर्गत चंडीगढ़ की ओर नई पार्किंग का निर्माण जारी है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह काम करीब डेढ़ महीने में पूरा होने की उम्मीद है. पार्किंग तैयार होने के बाद स्टेशन आने वाले यात्रियों को वाहन खड़ा करने में काफी राहत मिलेगी.
रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) के अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ की ओर पार्किंग का निर्माण लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जा रहा है. इस नई पार्किंग में एक समय में करीब 700 से 800 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा. इससे स्टेशन पर पार्किंग की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है.
अभी और कितना लगेगा समय?
फिलहाल पार्किंग के एंट्री क्षेत्र का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगेगा. इसके बाद एग्जिट क्षेत्र का निर्माण शुरू किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यात्रियों को जल्द नई सुविधा मिल सके.
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निर्माण कार्य के दौरान कुछ समय के लिए बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित होने से काम की गति धीमी पड़ गई थी. अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण निर्माण सामग्री की उपलब्धता में आई दिक्कत का असर परियोजना पर पड़ा. हालांकि अब बिटुमिन की आपूर्ति सामान्य हो गई है और निर्माण कार्य फिर से तेजी से आगे बढ़ रहा है.
रेलवे अधिकारियों ने क्या बताया?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पंचकूला की ओर विकसित नई पार्किंग पहले ही पूरी तरह तैयार हो चुकी है और वहां यात्री पार्किंग सुविधा का लाभ उठा रहे हैं. अब चंडीगढ़ की ओर पार्किंग तैयार होने के बाद स्टेशन के दोनों ओर से आने वाले यात्रियों को पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध होगी. इससे यातायात व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित और सुचारू बनने की उम्मीद है.
कितने वाहनों की पार्किंग की है व्यवस्था?
जानकारी के अनुसार पंचकूला की ओर बनी पार्किंग लगभग 17,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली हुई है, जहां करीब 1,000 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है. इसके मुकाबले चंडीगढ़ की ओर बनने वाली पार्किंग का क्षेत्रफल 10,000 वर्ग मीटर होगा और इसकी क्षमता 700 से 800 वाहनों की रहेगी.