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मोहाली एयरोट्रोपोलिस के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, जमीन के बदले मिलेंगे रिहायशी और कॉमर्शियल प्लॉट

मोहाली की एयरोट्रोपोलिस परियोजना में अधिग्रहित जमीन के बदले प्लॉट देने के लिए गमाडा ने दो नए मॉडल तैयार किए हैं. भूमि मालिकों को पात्रता के अनुसार रिहायशी प्लॉट के साथ कुछ मामलों में कॉमर्शियल प्लॉट का विकल्प भी मिलेगा.

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Babli Rautela

मोहाली की बहुचर्चित एयरोट्रोपोलिस परियोजना से जुड़े भूमि मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने अधिग्रहित जमीन के बदले विकसित प्लॉट देने का फॉर्मूला तैयार कर लिया है. इसके तहत दो अलग-अलग मॉडल बनाए गए हैं, जिनमें कुछ पात्र भूमि मालिकों को रिहायशी प्लॉट के साथ कॉमर्शियल प्लॉट का विकल्प भी मिलेगा.

पुड्डा भवन, सेक्टर-62 में मुख्य प्रशासक की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एयरोट्रोपोलिस के पॉकेट E से J तक के प्लॉट आकार और आवंटन मॉडल पर विस्तृत चर्चा की गई. पहले मॉडल में केवल रिहायशी प्लॉट देने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि दूसरे मॉडल में रिहायशी और कॉमर्शियल दोनों प्रकार के प्लॉट देने का विकल्प शामिल किया गया है.

पहले मॉडल में ऐसे मिलेंगे रिहायशी प्लॉट

गमाडा के प्रस्ताव के अनुसार—


  •  1 कनाल जमीन के बदले 200 वर्ग गज का एक प्लॉट.
  •  2 कनाल के बदले 200-200 वर्ग गज के दो प्लॉट.
  •  3 कनाल के बदले 300-300 वर्ग गज के दो प्लॉट.
  •  4 से 8 कनाल तक की जमीन के लिए 200, 300 और 500 वर्ग गज के अलग-अलग संयोजन प्रस्तावित किए गए हैं.

इस मॉडल का उद्देश्य हर श्रेणी के भूमि मालिक को उसकी पात्रता के अनुसार विकसित रिहायशी प्लॉट उपलब्ध कराना है.

दूसरे मॉडल में मिलेगा कॉमर्शियल प्लॉट भी

दूसरे मॉडल में कुछ भूमि मालिकों को रिहायशी प्लॉट के साथ कॉमर्शियल प्लॉट देने का प्रस्ताव है.

इसके तहत—

  •  4 कनाल के बदले 300 और 200 वर्ग गज के दो रिहायशी प्लॉट के साथ 100 वर्ग गज का कॉमर्शियल प्लॉट.
  •  6 कनाल के बदले 500, 200 और 200 वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट के साथ 100 वर्ग गज का कॉमर्शियल प्लॉट.
  •  7 कनाल के बदले 500, 300 और 200 वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट के साथ 100 वर्ग गज का कॉमर्शियल प्लॉट.
  •  8 कनाल के बदले 500 और 300 वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट के साथ 200 वर्ग गज का कॉमर्शियल प्लॉट देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

कुछ श्रेणियों में स्पेशल एलओआई (Letter of Intent) का भी प्रावधान रखा गया है.

2000 वर्ग गज तक प्लॉट जोड़ने की सुविधा

गमाडा ने यह भी तय किया है कि जिन लाभार्थियों को एक से अधिक प्लॉट मिलेंगे, वे 2000 वर्ग गज तक के प्लॉट का बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एकीकरण (Amalgamation) करा सकेंगे. इससे बड़े आकार का एकल प्लॉट विकसित करना आसान होगा. गमाडा ने हाल ही में एयरोट्रोपोलिस परियोजना के तहत मटरां, बाकरपुर, सियाऊं, बड़ही, पट्टों, कुर्ड़ी, छत और किशनपुरा गांवों की अधिग्रहित भूमि के लिए अवार्ड घोषित किए हैं. प्रभावित भूमि मालिकों के लिए प्रति एकड़ 6.29 करोड़ रुपये से 8.29 करोड़ रुपये तक मुआवजा तय किया गया है.