मान सरकार ला रही 1311 नई बसें, रोजगार के भी खुलेंगे द्वार, बड़े शहरों के बस स्टैंड होंगे आधुनिक

पंजाब में भगवंत मान सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है.

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Ashutosh Rai

चंडीगढ़ः पंजाब में भगवंत मान सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा को और विस्तारित करने के उद्देश्य से कुल 1311 नई बसों की खरीद की घोषणा की है. इनमें पंजाब रोडवेज (पनबस) की 606 बसें और पीआरटीसी की 705 बसें शामिल हैं. यह पहल न केवल महिलाओं की आवाजाही को सुगम बनाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी.

परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी

राज्य के परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, इन नई बसों के आने से पंजाब में सार्वजनिक परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. वर्तमान में महिलाओं को मुफ्त बस सेवा का लाभ मिल रहा है, लेकिन कई रूटों पर बसों की कमी के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता था. नई बसों के आगमन से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी और महिलाएं बिना किसी रुकावट के अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगी. इससे महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी.

महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा

महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा पंजाब सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना रही है, जिसे पिछले कुछ महीनों में व्यापक सराहना मिली है. राज्य भर में लाखों महिलाएं प्रतिदिन इस सेवा का लाभ उठा रही हैं, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है. शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की महिलाओं ने इस पहल का स्वागत किया है. अब नई बसों के साथ यह सेवा और अधिक सुलभ और व्यापक हो जाएगी, जिससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं को भी इसका पूरा फायदा मिल सकेगा.

तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होगी

इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू रोजगार सृजन है. 1311 नई बसों के संचालन के लिए हजारों ड्राइवरों, कंडक्टरों, मैकेनिकों और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होगी. परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी. इससे राज्य में बेरोजगारी दर में कमी आने की उम्मीद है और युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर मिलेंगे. साथ ही, बसों के रखरखाव, मरम्मत और संबंधित सेवाओं में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान

पंजाब सरकार ने केवल बसों की संख्या बढ़ाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया है. राज्य के प्रमुख शहरों जैसे लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और बठिंडा के बस स्टैंडों को आधुनिक बनाने की योजना तैयार की गई है. इन बस स्टैंडों पर यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल सुविधा, डिजिटल सूचना बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. यह विकास यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा.

नई बसों में आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाएं

परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई बसों में आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाएं होंगी. इन बसों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन अलार्म और वातानुकूलन की व्यवस्था होगी. इसके अलावा, बसों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है. यह कदम पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

छोटे शहरों और गांवों की महिलाओं को भी मिलेगी सुविधा

सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकार कार्यकर्ता रजनी शर्मा ने कहा, “मुफ्त बस सेवा ने पंजाब की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है. अब और अधिक बसें आने से छोटे शहरों और गांवों की महिलाओं को भी यह सुविधा मिल सकेगी. यह केवल परिवहन की सुविधा नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण साधन है.” उन्होंने आगे कहा कि इस योजना से महिलाओं की गतिशीलता बढ़ी है और वे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक आसानी से पहुंच पा रही हैं.

आम आदमी को राहत दे रहे

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई मौकों पर कहा है कि उनकी सरकार का उद्देश्य आम आदमी को राहत देना और राज्य के विकास को जनकेंद्रित बनाना है. सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. सरकार का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से न केवल लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव भी कम होगा, जिससे यातायात और प्रदूषण की समस्या में कमी आएगी. नई बसों और आधुनिक बस स्टैंडों के साथ पंजाब सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करने की ओर अग्रसर है.