लुधियाना में ISI लिंक के शक में 20 साल का युवक गिरफ्तार, चीनी CCTV से पाकिस्तान भेज रहा था लाइव फीड

लुधियाना पुलिस ने पाकिस्तान स्थित संदिग्ध हैंडलरों को CCTV की लाइव फीड देने के आरोप में 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक कैमरे बद्दोवाल कैंटोनमेंट के आसपास लगाए गए थे.

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Kanhaiya Kumar Jha

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़ा एक मामला सामने आया है. पुलिस ने गुरदासपुर के 20 वर्षीय रछपाल सिंह को पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध हैंडलरों तक CCTV कैमरों की लाइव फीड पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार युवक ने लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर किराये की दुकान लेकर चार चीनी कैमरे लगाए थे. इनका रुख सड़क और बद्दोवाल कैंटोनमेंट के आसपास के इलाके की ओर था. मामले की डिजिटल और सुरक्षा पहलुओं से जांच जारी है.

दुकान के बाहर लगाए चार CCTV कैमरे

पुलिस के मुताबिक रछपाल ने एक निजी अस्पताल के सामने दुकान किराये पर ली थी. दुकान में उसने जूतों का कारोबार शुरू किया, लेकिन वह नियमित रूप से नहीं खुलती थी. इसके बजाय बाहर लगाए गए चार कैमरों से इलाके की निगरानी की जा रही थी. जांच में पता चला कि कैमरों का एक्सेस मोबाइल एप के जरिए पाकिस्तान में मौजूद संदिग्ध हैंडलरों को दिया गया था. पुलिस के अनुसार यूजर आईडी और पासवर्ड भी उनके साथ साझा किए गए थे.

कैमरों के बदले 3 लाख रुपए मिलने का आरोप

पुलिस का कहना है कि कैमरों की लाइव फीड उपलब्ध कराने के बदले रछपाल को करीब 2.5 से 3 लाख रुपए मिलने की बात सामने आई है. जांच टीम ने कैमरों, मेमोरी कार्ड, मोबाइल फोन, स्टोरेज डिवाइस और संबंधित एप की जानकारी खंगालनी शुरू कर दी है. डिजिटल लेन-देन की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कैमरे कहां से खरीदे गए और उन्हें लगाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं.


जेल में बंद नशा तस्कर से जुड़ा कनेक्शन

जांच में पुलिस को कथित तौर पर रछपाल का संपर्क डेरा बाबा नानक के एक व्यक्ति के जरिए जेल में बंद नशा तस्कर से होने की जानकारी मिली है. पुलिस को शक है कि इसी माध्यम से वह पाकिस्तान स्थित संदिग्ध हैंडलरों के संपर्क में आया. रछपाल के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी का मामला दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि जेल के दौरान उसका किसी पाकिस्तान लिंक वाले नेटवर्क से संपर्क हुआ था या नहीं.

बद्दोवाल कैंट से छह किलोमीटर दूर था ठिकाना

पुलिस के अनुसार जिस स्थान पर कैमरे लगाए गए थे, वह बद्दोवाल कैंटोनमेंट से करीब छह किलोमीटर दूर है. इसी वजह से मामले को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है. जांच यह भी कर रही है कि कैमरों से केवल सड़क और सामान्य इलाका देखा जा रहा था या सैन्य क्षेत्र से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी भी भेजी गई. अधिकारियों ने अभी इस हिस्से की पुष्टि नहीं की है. आरोपित से पूछताछ जारी है.

तीन महीने में सामने आया तीसरा मामला

लुधियाना की घटना से पहले मई में पठानकोट में एक व्यक्ति को इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जुलाई में कपूरथला में बिजली के खंभे पर मिला CCTV कैमरा भी जांच के घेरे में आया था. इन मामलों में पाकिस्तान स्थित संदिग्ध हैंडलरों से कनेक्शन की जांच हुई थी. अब सुरक्षा एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या तीनों घटनाओं के पीछे एक ही नेटवर्क सक्रिय था. इस पहलू पर जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.