प्याज के सड़ने की खबरों पर सरकार का जवाब- ‘ऐसा कुछ नहीं’, CWC संभालेगा भंडारण

दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक की आपूर्ति तेज कर दी है. ‘कांदा एक्सप्रेस’ से 453 टन प्याज दिल्ली पहुंचा है और रियायती दर पर बिक्री होगी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: प्याज की कीमतों में तेजी बढ़ते ही केंद्र सरकार ने बाजार में उपलब्धता बनाए रखने की तैयारी तेज कर दी है. उपभोक्ता मामले मंत्रालय के मुताबिक, इस साल बनाए गए 1.21 लाख टन के बफर स्टॉक की गुणवत्ता अच्छी है. भंडारण की जिम्मेदारी पहली बार केंद्रीय भंडारण निगम को दी गई है. इसी स्टॉक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए दिल्ली समेत कई शहरों में प्याज भेजा जा रहा है. सरकार को उम्मीद है कि बढ़ी आपूर्ति से आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों पर दबाव कम होगा.

उपभोक्ता मामले की सचिव निधि खरे ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें बफर स्टॉक का करीब 30 प्रतिशत प्याज खराब होने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ और स्टॉक की गुणवत्ता अच्छी है. इस बार भंडारण की जिम्मेदारी केंद्रीय भंडारण निगम यानी सीडब्ल्यूसी को दी गई है. साथ ही, एक स्वतंत्र तीसरी पार्टी समय-समय पर प्याज की गुणवत्ता की जांच कर रही है.

प्याज के भंडारण में नमी बड़ी चुनौती

निधि खरे के मुताबिक प्याज में करीब 90 प्रतिशत पानी होता है. कटाई के बाद यह लगभग तीन महीने तक अपनी गुणवत्ता बनाए रख सकता है. इसके बाद नमी कम होने के कारण प्याज धीरे-धीरे सिकुड़ता है. भंडारण की स्थिति और हवा के आवागमन का भी खराब होने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है. इस साल प्याज की रिकवरी करीब 72 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में बेहतर है.


‘कांदा एक्सप्रेस’ से दिल्ली पहुंची खेप

सरकार बफर स्टॉक को ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे शहरों तक पहुंचा रही है. शुक्रवार को 21 वैगन वाली ट्रेन से 453.65 टन प्याज दिल्ली पहुंचा. नासिक में रखा यह प्याज दिल्ली-एनसीआर में 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर बेचा जाएगा. कुछ मात्रा चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू जैसे आसपास के शहरों में भी भेजी जाएगी.

दिल्ली में प्याज 62 रुपये किलो पहुंचा

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव गुरुवार को 62 रुपये प्रति किलो था. एक साल पहले यह कीमत 33 रुपये थी. देश में औसत खुदरा कीमत 46.58 रुपये प्रति किलो और थोक भाव 38.29 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया. सरकार का अनुमान है कि बढ़ी आपूर्ति का असर करीब एक सप्ताह में खुदरा कीमतों पर दिखाई देना शुरू हो सकता है.

नई फसल से भी राहत की उम्मीद

सरकार को खरीफ और रबी दोनों फसलों से बेहतर उपलब्धता की उम्मीद है. निधि खरे ने रबी फसल पर अल नीनो के असर को लेकर चिंता को खारिज किया. सिंचाई व्यवस्था में सुधार और प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त पानी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन के करीब है. इससे आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है.