मजदूरी करने वाला मधु बना करोड़पति, ड्रॉ से ठीक 1 घंटे पहले खरीदा था टिकट; जीते 3 करोड़
फगवाड़ा के बंगा क्षेत्र में मजदूरी करने वाले पश्चिम बंगाल निवासी मधु ने सिक्किम सरकार की गणेश चतुर्थी बंपर लॉटरी में 3 करोड़ रुपये का पहला पुरस्कार जीतने का दावा किया है.
कहते हैं किस्मत कब और कैसे बदल जाए, इसका कोई भरोसा नहीं होता. पंजाब के फगवाड़ा के बंगा क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करने वाले पश्चिम बंगाल निवासी मधु के साथ भी कुछ ऐसा ही होने का दावा किया जा रहा है. रोजाना मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले मधु ने सिक्किम सरकार की गणेश चतुर्थी बंपर लॉटरी में 3 करोड़ रुपये का पहला पुरस्कार जीतने का दावा किया है. लॉटरी जीतने की खबर सामने आने के बाद मधु और उसके परिवार में खुशी का माहौल है.
मधु मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया गया है. रोजगार की तलाश में वह पंजाब के बंगा क्षेत्र में पहुंचा था. यहां वह खेतों में मजदूरी करके अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहा था. सीमित आमदनी के बीच परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे मधु के लिए अचानक करोड़ों रुपये का पुरस्कार जीतने की खबर किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है.
कब खरीदा था टिकट?
बताया गया है कि मधु ने जिस लॉटरी टिकट को खरीदा था, वह ड्रॉ निकलने से करीब एक घंटे पहले ही लिया गया था. उसने यह टिकट बंगा स्थित सहोता लॉटरी स्टाल से खरीदा था. टिकट खरीदने के कुछ ही समय बाद लॉटरी का परिणाम घोषित हुआ और मधु को कथित तौर पर पता चला कि उसके टिकट ने 3 करोड़ रुपये का पहला पुरस्कार जीत लिया है.
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कैसी था परिजनों का रिएक्शन?
मधु की लॉटरी जीतने की खबर सामने आते ही परिवार और परिचितों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई. मजदूरी की कमाई पर निर्भर रहने वाले परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जीतने की खबर आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीद लेकर आई है. हालांकि, लॉटरी जीत से संबंधित राशि, टिकट की वैधता और विजेता की अंतिम पुष्टि आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
सोशल मीडिया पर कैसा था लोगों का रिएक्शन?
लॉटरी जीतने के बाद मधु की कहानी सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है. उसकी कहानी यह बताती है कि कभी-कभी बेहद साधारण परिस्थितियों में जीवन गुजार रहा व्यक्ति भी अचानक बड़ी खुशखबरी का हिस्सा बन सकता है.
हालांकि, लॉटरी से जुड़ी किसी भी राशि के भुगतान के लिए संबंधित आयोजक द्वारा निर्धारित दस्तावेज, सत्यापन और अन्य नियमों को पूरा करना जरूरी होगा. इसलिए 3 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि को लेकर अंतिम स्थिति आधिकारिक सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी.