केतन हत्याकांड की लड़ाई अब उज्ज्वल निकम के हाथ, फडणवीस बोले- दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

पुणे के चर्चित केतन हत्याकांड में नया मोड़ आया है. महाराष्ट्र सरकार ने मामले की सुनवाई तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग स्वीकार कर ली है, जबकि वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम परिवार की ओर से पैरवी करेंगे.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे जिले में सामने आए केतन अग्रवाल हत्याकांड ने अब कानूनी लड़ाई का नया चरण शुरू कर दिया है. मामले को लेकर पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा था. इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष सरकारी वकील की मांग को भी मंजूरी दे दी है.

मुख्यमंत्री ने परिवार से की मुलाकात

शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केतन अग्रवाल के परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान परिवार ने पूरे मामले की जानकारी साझा की और न्याय की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और जांच से लेकर मुकदमे तक हर स्तर पर सहयोग करेगी.

न्याय दिलाने का भरोसा

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. फडणवीस ने स्पष्ट किया कि न्याय प्रक्रिया में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और पीड़ित परिवार की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा.


फास्ट ट्रैक कोर्ट को मंजूरी

परिवार ने मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की थी. सरकार ने इस प्रस्ताव को तत्काल स्वीकार कर लिया. माना जा रहा है कि इससे मुकदमे की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ सकेगी और फैसला आने में अनावश्यक देरी नहीं होगी.

उज्ज्वल निकम लड़ेंगे केस

इस मामले में वरिष्ठ सरकारी वकील उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग भी परिवार ने रखी थी. मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार निकम ने यह जिम्मेदारी संभालने के लिए अपनी सहमति दे दी है. उनके जुड़ने से परिवार को न्यायिक प्रक्रिया में मजबूती मिलने की उम्मीद है.

परिवार की उम्मीदें बढ़ीं

सरकार के आश्वासन और कानूनी कदमों के बाद केतन अग्रवाल के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है. अब सभी की नजर आगामी अदालती कार्यवाही पर टिकी है. मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर कानूनी बहस देखने को मिल सकती है.