Independence Day 2026

जालंधर रेप केस: बोरी में बंद कर फेंकी गई थी 13 साल की पीड़िता, प्राइवेट पार्ट पर 50 टांके और 4 ऑपरेशन

जालंधर रेप केस में 13 वर्षीय बच्ची की न्याय की लड़ाई अब हाईकोर्ट पहुंच गई है. कई सर्जरी और लंबे इलाज के बाद भी परिवार फरार आरोपी की गिरफ्तारी और अंतिम मुआवजे की मांग कर रहा है.

Pinterest
Reepu Kumari

जालंधर: जालंधर रेप केस ने पूरे देश को झकझोर दिया है. जालंधर रेप केस और पीड़ित बच्ची न्याय की लड़ाई अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गई है. तेरह वर्षीय बच्ची कथित यौन हिंसा के बाद गंभीर रूप से घायल मिली थी. कई सर्जरी और लंबे इलाज के बावजूद मानसिक आघात आज भी बना हुआ है. परिवार फरार आरोपी की गिरफ्तारी तथा अंतिम मुआवजे की मांग कर रहा है जबकि बच्ची अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए न्याय चाहती.

घटना को कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित बच्ची के मन का डर आज भी खत्म नहीं हुआ है. परिवार का कहना है कि आरोपी ने उसे पपीता देने का बहाना बनाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर अपराध किया और फिर बोरी में छोड़कर फरार हो गया. अब परिवार अदालत से न्याय और उचित मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठा है.

पपीते का बहाना बना और बदल गई जिंदगी

परिजनों के अनुसार बच्ची अपने नाना नानी के पास रहती थी. घटना वाले दिन एक परिचित व्यक्ति ने उसे पपीता दिलाने का लालच देकर बाइक पर बैठाया. कुछ समय बाद वह गंभीर हालत में गांव के श्मशान घाट के पास बोरी में मिली. राहगीर की सूचना पर नाना नानी मौके पर पहुंचे और बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए कई घंटे इलाज किया और लगातार चिकित्सा निगरानी में रखा.


लंबा इलाज, कई सर्जरी और मानसिक आघात

चिकित्सकीय उपचार के दौरान बच्ची की कई सर्जरियां करनी पड़ीं. परिवार का कहना है कि शारीरिक घाव तो धीरे धीरे भर गए, लेकिन मानसिक पीड़ा आज भी उसका पीछा नहीं छोड़ रही है. वकीलों के अनुसार बच्ची अब सातवीं कक्षा में पढ़ रही है. वह सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रही है, लेकिन कुछ घटनाएं और शब्द आज भी उसे उस भयावह दिन की याद दिला देते हैं.

फरार आरोपी और हाईकोर्ट में न्याय की लड़ाई

पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन वह कथित तौर पर घटना के बाद राज्य छोड़कर फरार हो गया. अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया, फिर भी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी. परिवार को पहले अंतरिम आर्थिक सहायता मिली थी, लेकिन अंतिम मुआवजे की मांग निचली अदालत में स्वीकार नहीं हुई. अब यही मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सामने पहुंचा है.

मामले की मुख्य बातें

  • तेरह वर्षीय बच्ची कथित अपराध की शिकार हुई.
  • आरोपी पर पपीते का बहाना बनाकर ले जाने का आरोप.
  • पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी रखे हुए है.
  • परिवार अंतिम मुआवजे और न्याय की मांग कर रहा है.
  • बच्ची इलाज के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है.

परिवार का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी उम्मीद अदालत से न्याय और आरोपी की गिरफ्तारी है, ताकि बच्ची भय के बजाय सम्मान और सुरक्षित भविष्य के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सके.