'RSS हम आ रहे हैं', पंजाब में पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद आतंकी संगठन TTH ने जारी किया वीडियो; अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या के बाद आतंकी गुट TTH ने वीडियो जारी कर जिम्मेदारी ली है. पुलिस अब आतंकी एंगल और स्थानीय गैंगस्टरों के बीच संभावित कनेक्शन की गहनता से तफ्तीश कर रही है.
चंडीगढ़: अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सनसनीखेज वारदात पंजाब के गुरदासपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब दो जांबाज पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या के महज 24 घंटे बाद, आतंकी संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) ने इस खौफनाक वारदात का एक कथित वीडियो जारी किया है. सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस अनवेरिफाइड क्लिप में एक हमलावर को पुलिसकर्मी के सिर में गोली मारते हुए दिखाया गया है. इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वीडियो को न केवल हिंसक दृश्यों, बल्कि उकसाने वाले बैकग्राउंड म्यूजिक और नारों से भी लैस किया गया है. इसमें 'जल्द ही और हमले होंगे' और 'आरएसएस हम आ रहे हैं' जैसे भड़काऊ संदेश लिखे गए हैं. हालांकि पंजाब पुलिस ने अब तक TTH की राज्य में सक्रियता पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसियां इस वीडियो की सत्यता और इसके पीछे के असली चेहरों की पहचान में जुट गई हैं.
सीसीटीवी में दिखे संदिग्ध, गैंगस्टर कनेक्शन की पड़ताल
गुरदासपुर पुलिस ने घटनास्थल के समीप लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, जिसमें वारदात वाली रात दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच संदिग्धों को देखा गया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार- 'आतंकी एंगल को सिरे से नकारा नहीं जा सकता.' इसी बीच, पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर शहजाद भट्टी का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने इन हत्याओं को 'फेक एनकाउंटर' का बदला करार दिया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या स्थानीय गैंगस्टरों ने सीमा पार बैठे हैंडलर्स के इशारे पर इस वारदात को अंजाम दिया है.
असावधानी बनी मौत का कारण?
अधियां गांव की चेकपोस्ट पर रविवार सुबह एएसआई गुरनाम सिंह और कांस्टेबल अशोक कुमार के शव बरामद हुए थे. सरपंच कमलजीत सिंह ने बताया कि जब पुलिसकर्मी रेडियो कॉल का जवाब नहीं दे रहे थे, तब वे वहां पहुंचे. मंजर दिल दहला देने वाला था, एएसआई हीटर के पास हाथ जेब में डाले बैठे थे, जबकि कांस्टेबल रजाई के अंदर मृत पाए गए. ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों ने सोते हुए और असावधान जवानों पर घात लगाकर हमला किया. जांच में यह भी सामने आया कि जिस कमरे में वे तैनात थे, वहां दरवाजा ही नहीं था, जिससे हमलावरों को अंदर घुसने में आसानी हुई.