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पंजाब में 37 साल बाद ऐसी बाढ़, सैकड़ों गांव डूबे, सतलुज, ब्यास और रावी में उफान

पंजाब के लोगों का कहना है कि हमने ऐसी बढ़ा पिछले 37 साल में नहीं देखा है. पहाड़ में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी उफान पर हैं. रिहायशी इलाकों में पानी पहुंच गया है.

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Gyanendra Sharma

Punjab Floodsउत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश से लेकर पंजाब तक बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. जम्मू से सटे इलाकों में हालात काफी खराब है. गांवों में पानी घुस चुका है खेत घर सब पानी में डूबे हुए हैं. लोग अपने घरों को छोड़कर कैंपों में रह रहे हैं. पशुओं की हालत तो और खराब है.

पंजाब के लोगों का कहना है कि हमने ऐसी बढ़ा पिछले 37 साल में नहीं देखा है. पहाड़ में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी उफान पर हैं. रिहायशी इलाकों में पानी पहुंच गया है. कुछ इलाकों में तो ऐसी स्थिति है कि जहां तक नजर जाती है, वहां तक सिर्फ पानी ही दिख रहा है. पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, तरन तारन, कपूरथला, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर में हालात खराब हैं.

नदियों का पानी गांव मे घुसा

निकले इलाकों में नदी का पानी घुस गया है. सैकड़ों गांव पानी से घिरे हुए हुए हैं. लोग अपना घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं. जहां देखों पानी ही पानी नजर आता है. जान माल की हानी हुई है. राहत और बचाव कार्य तेज है लेकिन लगातार हो रही बारिश बाधा बन रही है.

सीएम ने राहत कार्य तेज करने के निर्देश

चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने सभी प्रभावित इलाकों में रहात कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है. पटियाला में बाढ़ का एक लंबा इतिहास रहा है. 1993 में भी इस जिले में भीषण बाढ़ आई थी. इसके अलावा दो साल पहले 2023 में भी बाढ़ आई थी. जिले में तमाम गांवों को बड़ा नुकसान मॉनसून से आई बाढ़ के चलते हुआ था. 

सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, हेलिकॉप्टर और स्पेशल वाहन लोगों को रेस्क्यू करने में लगे हैं. कई लोग नहरों, खड्डों में बहने से जान गंवा चुके हैं.