किसानों ने टाला दिल्ली मार्च, 4 सितंबर को सरकार से बातचीत; मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं
पटियाला की खनौरी सीमा पर दिल्ली कूच के लिए बैठे किसानों ने 4 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से बैठक का लिखित आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल पैदल मार्च स्थगित कर दिया है.
चंडीगढ़: पटियाला की खनौरी सीमा पर किसानों का प्रस्तावित पैदल दिल्ली मार्च फिलहाल टल गया है. संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के नेतृत्व में 51 किसान 16 अगस्त से यहां डटे थे. बुधवार को हरियाणा प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों को 4 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक का लिखित पत्र दिया. इसके बाद किसानों ने अपने कार्यक्रम को स्थगित करने का फैसला किया. हालांकि, किसान नेताओं ने साफ किया कि यह आंदोलन की समाप्ति नहीं है.
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि बुधवार को हरियाणा प्रशासन के अधिकारी खनौरी सीमा पहुंचे थे. उन्होंने 4 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक की जानकारी दी और इसका लिखित पत्र किसानों को सौंपा. इसके बाद प्रस्तावित पैदल दिल्ली कूच समेत बुधवार के अन्य कार्यक्रम फिलहाल रोक दिए गए. किसानों का कहना है कि अब बैठक में सरकार के रुख को देखने के बाद आगे की रणनीति तय होगी.
सरकार को बातचीत की मेज पर लाने का दावा
डल्लेवाल ने कहा कि किसानों की शांतिपूर्ण पैदल यात्रा ने सरकार को दोबारा बातचीत के लिए आगे आने को मजबूर किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थगित हुआ है, आंदोलन खत्म नहीं हुआ. किसान अपनी मांगों पर कायम हैं और जरूरत पड़ने पर आगे संघर्ष जारी रखेंगे. किसान नेताओं के मुताबिक, पंजाब प्रशासन भी पिछले कुछ समय से हरियाणा प्रशासन के संपर्क में था, जिसके बाद बैठक का रास्ता बना.
Also Read
बैरिकेडिंग के बावजूद शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन
किसान नेताओं के अनुसार, करीब 50 से 55 किसानों की पैदल यात्रा को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग की गई थी. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने धैर्य बनाए रखा और किसी तरह का टकराव नहीं होने दिया. नेताओं ने कहा कि बुधवार का कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया, बल्कि हरियाणा सरकार और स्थानीय प्रशासन के आग्रह पर इसे अस्थायी तौर पर टाला गया है. किसान अब 4 सितंबर की बैठक का इंतजार करेंगे.
अमेरिका से व्यापार समझौते का भी विरोध
डल्लेवाल ने कहा कि किसानों ने अपनी मांगों से पीछे हटने का फैसला नहीं किया है. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में भी उनका आंदोलन जारी रहेगा. किसान नेताओं ने आंदोलन को देशभर में मजबूत करने के लिए अलग-अलग राज्यों में किसान महापंचायतें आयोजित करने की बात कही है. इसी क्रम में 25 अगस्त को कर्नाटक में महापंचायत प्रस्तावित है. इन कार्यक्रमों के जरिए किसानों के बीच आंदोलन को व्यापक बनाने की तैयारी है.
बैठक के बाद तय होगी अगली रणनीति
किसान नेताओं ने कहा कि 4 सितंबर की बैठक में सरकार के सामने किसानों की मांगों और दूसरे संबंधित मुद्दों को रखा जाएगा. इस बातचीत में सरकार का रुख क्या रहता है और किन मुद्दों पर सहमति बनती है, इसके आधार पर आगे का आंदोलन तय किया जाएगा. फिलहाल किसान नेताओं ने पैदल दिल्ली कूच को रोक दिया है, लेकिन उन्होंने यह संकेत भी दिया है कि मांगों पर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन फिर तेज किया जा सकता है.