अमृतसर में पनीर की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. मजीठा क्षेत्र की दो दूध डेयरियों की जांच के दौरान करीब 70 किलो पनीर जब्त किया गया. विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों से नमूने लिए हैं, जिनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय होगी.
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को मजीठा क्षेत्र में स्थित दो दूध डेयरियों का निरीक्षण किया. यह कार्रवाई सीएफडीए आईएएस कनवलप्रीत कौर बराड़, डिप्टी कमिश्नर और सिविल सर्जन के निर्देश पर की गई. टीम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमृतसर डॉ. मनजीत सिंह रटोल और फूड सेफ्टी अधिकारी सतनाम सिंह शामिल रहे. जांच के दौरान एक डेयरी से करीब 70 किलो पनीर बरामद हुआ, जिसे विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया. कार्रवाई के दौरान दोनों डेयरियों में उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी जांच की गई.
विभागीय अधिकारियों ने दोनों डेयरियों से पनीर के दो अलग-अलग नमूने लिए हैं. इन नमूनों को सीलबंद करने के बाद गुणवत्ता परीक्षण के लिए स्टेट फूड लैबोरेटरी, खरड़ भेजा जाएगा. फिलहाल प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने तक पनीर की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है. जांच में यह देखा जाएगा कि जब्त और नमूने के तौर पर लिए गए पनीर में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन हुआ है या नहीं. रिपोर्ट सामने आने के बाद ही विभाग संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय करेगा.
पूछताछ के दौरान डेयरी संचालक ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बताया कि यहां पनीर की आपूर्ति बटाला शहर की एक डेयरी से की जाती है. इस जानकारी के बाद विभाग का ध्यान अब उस स्रोत तक पहुंचने पर भी है, जहां से पनीर की सप्लाई की जा रही थी. अधिकारियों के मुताबिक, यदि प्रयोगशाला जांच में पनीर निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो सप्लाई के पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा सकती है. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पनीर कहां तैयार किया जा रहा था और किन स्थानों पर भेजा जा रहा था.
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर लैब रिपोर्ट पर है. फिलहाल 70 किलो पनीर जब्त किया जा चुका है और दो नमूने जांच के लिए भेजे जाने हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. यदि जांच में पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.