अमृतसर में कॉकरोच जनता पार्टी का शक्ति प्रदर्शन, गोल्डन गेट पर उमड़ी भीड़ के बीच हाई अलर्ट पर रही सुरक्षा

अमृतसर में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान गोल्डन गेट पर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे. इस दौरान पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने भीड़ को संबोधित किया.

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Sagar Bhardwaj

पंजाब के अमृतसर में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पहले श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे और इसके बाद गोल्डन गेट पर आयोजित सभा में शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे. प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए थे और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. सभा के दौरान कई राजनीतिक मुद्दों को लेकर नारे भी लगाए गए.

 गोल्डन गेट पर जुटे समर्थक

गोल्डन गेट के आसपास दोपहर बाद से ही समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया था. जैसे-जैसे कार्यक्रम का समय नजदीक आया, भीड़ का आकार बढ़ता गया. मंच के आसपास समर्थकों ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और अपने नेताओं के प्रति उत्साह दिखाया. कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया, लेकिन भीड़ को देखते हुए पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही.

 अभिजीत दिपके ने किया बड़ा दावा

सभा को संबोधित करते हुए पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि अमृतसर में जुटी भीड़ उनके पहले के कार्यक्रमों से भी बड़ी है. उन्होंने दावा किया कि पुणे और दिल्ली की तुलना में यहां अधिक समर्थक पहुंचे. दिपके ने यह भी कहा कि वह तय समय पर पहुंचे थे, लेकिन शहर में ट्रैफिक जाम के कारण कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में देरी हुई.


 सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

दिपके ने आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध उपलब्ध नहीं कराए गए. उनके अनुसार उन्हें विशेष एस्कॉर्ट सुविधा नहीं मिली जबकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना पहले से थी. हालांकि प्रशासन की ओर से पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया था और आयोजन स्थल की जांच भी की गई थी.

 समर्थकों ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़े नारे लगाए. वहीं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सीजेपी को लेकर बयान दिया कि जो लोग इस संगठन का समर्थन या वित्तीय सहयोग करेंगे, उन्हें देश विरोधी गतिविधियों से जोड़कर देखा जाएगा. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है.