मान सरकार का देश को नया सतौज मॉडल, खेतों में फसलों को आग से बचाएगा अंडरग्राउंड बिजली प्रोजेक्ट

पंजाब सरकार की भूमिगत बिजली आपूर्ति योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

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Ashutosh Rai

पंजाब में बिजली ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुरू किया गया भूमिगत बिजली आपूर्ति प्रोजेक्ट चर्चा का विषय बना हुआ है. राज्य सरकार इस योजना के जरिए गांवों को सुरक्षित, तकनीक आधारित और बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.

किसानों के हित पर विशेष फोकस

ग्रामीण पंजाब में खेतों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों के कारण हर साल कई दुर्घटनाएं और फसलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं. तेज हवा, बारिश या शॉर्ट-सर्किट के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था. इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने बिजली के खुले तारों को हटाकर जमीन के नीचे केबल बिछाने का फैसला किया है. इस कदम से किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी और खेतों में आधुनिक मशीनों के संचालन के दौरान होने वाले जोखिम भी काफी हद तक कम हो जाएंगे. सरकार का मानना है कि यह परियोजना ग्रामीण सुरक्षा के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी.


आधुनिक तकनीक से तैयार होगा नेटवर्क

इस योजना की खास बात यह है कि भूमिगत केबल बिछाने के लिए सड़कों या गलियों को नुकसान नहीं पहुंचाया जा रहा. इसके लिए अत्याधुनिक ट्रेनचलेस ड्रिलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस तकनीक से जमीन के भीतर पाइपलाइन तैयार कर बिजली के तार डाले जा रहे हैं. सरकार के अनुसार ये केबल वाटरप्रूफ और लंबे समय तक टिकाऊ हैं. इससे भविष्य में मरम्मत की जरूरत भी कम पड़ेगी. तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी उदाहरण बन सकता है. यही वजह है कि इस परियोजना को ग्रामीण बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

बिजली व्यवस्था और गांवों की तस्वीर बदलेगी

भूमिगत बिजली नेटवर्क लागू होने से ट्रांसमिशन लॉस कम होगा और बिजली चोरी पर भी नियंत्रण लगेगा. उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज और अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है. आंधी और बारिश के दौरान बिजली बाधित होने की घटनाएं भी कम होंगी. इसके अलावा गांवों में फैले तारों और खंभों के जाल से मुक्ति मिलेगी, जिससे पूरे क्षेत्र का स्वरूप अधिक व्यवस्थित और आधुनिक दिखाई देगा. सरकार का लक्ष्य पंजाब को धीरे-धीरे पोल-फ्री राज्य बनाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और सुविधाओं का नया मॉडल स्थापित किया जा सके.