CM भगवंत मान का बड़ा फैसला, गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी वाली गाड़ियों पर टैक्स माफ

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए गुरु का सम्मान सबसे महत्वपूर्ण शब्द है. उन्होंने एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य धार्मिक ग्रंथों को ले जाने वाली गाड़ियों पर लगने वाला टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है.

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Shilpa Srivastava

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए गुरु का सम्मान सबसे महत्वपूर्ण शब्द है. उन्होंने एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य धार्मिक ग्रंथों को ले जाने वाली गाड़ियों पर लगने वाला टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है. यह फैसला सिख समुदाय और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने वाला है. अब पालकी साहिब, गुरु ग्रंथ साहिब और दूसरे धार्मिक ग्रंथों को ले जाने वाली गाड़ियों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. 

इससे धार्मिक यात्राओं और गुरुद्वारों में आने-जाने वाले वाहनों पर बोझ कम हो जाएगा. CM मान ने कहा कि पहले की तथाकथित पंथिक सरकारें भी पालकी साहिब वाली गाड़ियों से पूरा टैक्स वसूला जाता था. उन्होंने कहा कि गुरु का सम्मान सिर्फ दिखावे का नहीं, बल्कि व्यवहार में होना चाहिए.

यह फैसला क्यों अहम है?

पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी को बहुत पवित्र माना जाता है. गांव-गांव, शहरों और गुरुद्वारों में नियमित रूप से पालकी साहिब की यात्रा निकलती है. पहले इन गाड़ियों पर टैक्स का बोझ पड़ता था, जिससे धार्मिक कार्यों में परेशानी होती थी. CM भगवंत मान के इस फैसले से अब सिख समुदाय को बड़ी राहत मिली है.


सरकार करती है गुरु की शिक्षाओं और धार्मिक सम्मान:

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार गुरु की शिक्षाओं और धार्मिक सम्मान को हमेशा प्राथमिकता देगी. उन्होंने कहा कि पंजाब की आत्मा गुरु की बाणी में बसती है और सरकार इसका पूरा सम्मान करती है. यह फैसला न सिर्फ धार्मिक भावनाओं का सम्मान है बल्कि आम लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगा.

CM भगवंत मान के इस कदम की पंजाब भर में सराहना हो रही है. लोग कह रहे हैं कि यह फैसला दिखाता है कि सरकार सिर्फ बातें नहीं करती, बल्कि गुरु के सम्मान में ठोस कदम उठाती है. इस पहल से पंजाब सरकार की छवि और मजबूत हुई है. CM मान का यह कदम सिख समुदाय के दिलों को छू गया है और गुरु का सच्चा सम्मान दिखाता है.