चंडीगढ़: सेक्टर-39 में बनेगी नई आधुनिक मंडी, 200 करोड़ की परियोजना तेजी से आगे
प्रशासन के अनुसार इस महीने में ही पर्यावरण मंजूरी आने की उम्मीद है. मंजूरी मिलने के बाद तुरंत टेंडर निकाले जाएंगे. साथ ही दूसरे फेज में मंडी के प्लॉटों की नीलामी भी शुरू कर दी जाएगी. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और इंजीनियरिंग विभाग ने भी इसे स्वीकृत कर दिया है.
चंडीगढ़: शहरवासियों और व्यापारियों के लिए खुशखबरी है. सेक्टर-39 में नई सब्जी-फल मंडी बनने जा रही है. इस 200 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना को जल्द ही पर्यावरण मंजूरी मिलने वाली है. मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और इस साल के अंत तक पुरानी मंडी (सेक्टर-26) को नई जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा.
सेक्टर-39 में बनेगी नई आधुनिक मंडी
प्रशासन के अनुसार इस महीने में ही पर्यावरण मंजूरी आने की उम्मीद है. मंजूरी मिलने के बाद तुरंत टेंडर निकाले जाएंगे. साथ ही दूसरे फेज में मंडी के प्लॉटों की नीलामी भी शुरू कर दी जाएगी. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और इंजीनियरिंग विभाग ने भी इसे स्वीकृत कर दिया है.
कृषि विभाग के सचिव डी. कार्तिकेयन ने इस प्रोजेक्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर सप्ताह बैठक करके काम की समीक्षा करें. विभाग का लक्ष्य है कि नीलामी से जो रकम आए, उसी से मंडी का निर्माण पूरा किया जाए. इससे अलग से लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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75 एकड़ जमीन सिर्फ 3 करोड़ में मिली
यह परियोजना काफी पुरानी है. 1990 में प्रशासन ने सेक्टर-39 की 75 एकड़ जमीन मंडी बोर्ड को मात्र 3 करोड़ रुपये में दे दी थी. इस जमीन पर अब आधुनिक मंडी विकसित की जा रही है. परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 185 से 200 करोड़ रुपये है. इसमें राज्य कृषि विपणन बोर्ड का कार्यालय भवन (13.50 करोड़) और मार्केट कमेटी का कार्यालय भवन (9.60 करोड़) भी शामिल है.
नई मंडी में दो कोल्ड स्टोरेज भी बनाए जाएंगे, जिससे फल-सब्जियों को लंबे समय तक ताजा रखा जा सकेगा. इस पूरे प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट 'नेबकन' कंपनी ने तैयार की है.
पहले फेज में 12 प्लॉट नीलाम
पहले फेज में ही 12 प्लॉट नीलाम किए जा चुके हैं. नई मंडी में बेहतर सुविधाएं होंगी. व्यापारियों को आधुनिक गोदाम, पार्किंग, साफ-सफाई और बेहतर यातायात व्यवस्था मिलेगी. इससे सेक्टर-26 में लगने वाली ट्रैफिक की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी.