2.35 करोड़ से चंडीगढ़ की लेजर वैली की बदलेगी तस्वीर, दिव्यांगों के लिए भी बनेगी पूरी तरह सुलभ; जानिए क्या-क्या बदलेगा
चंडीगढ़ की लेजर वैली को 2.35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक और दिव्यांग अनुकूल बनाया जाएगा. चलिए जानते हैं पार्क में और क्या-क्या दी सुविधाएं जाएंगी.
चंडीगढ़: चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सेक्टर-10 स्थित लेजर वैली पार्क अब नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगी. शहर के फेफड़े कहे जाने वाले इस ग्रीन बेल्ट को करीब 2.35 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. नगर निगम ने इस परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सोमवार को होने वाली निगम की आम बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे.
नगर निगम के अनुसार लेजर वैली का विकास चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर द्वारा तैयार किए गए डिजाइन के आधार पर किया जाएगा. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पार्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ दिव्यांगजनों के लिए पूरी तरह सुलभ बनाना है. पार्क को यूनिवर्सल एक्सेसिबिलिटी मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा ताकि हर व्यक्ति बिना किसी परेशानी के इसका उपयोग कर सके.
और क्या-क्या होगीं सुविधाएं?
परियोजना के तहत पार्क में व्हीलचेयर अनुकूल प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे. इसके अलावा रैंप, स्टेनलेस स्टील रेलिंग, दृष्टिबाधित लोगों के लिए टैक्टाइल पाथवे, ब्रेल साइन बोर्ड, दिव्यांगों के लिए आरक्षित पार्किंग और सुलभ शौचालय जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इन बदलावों के बाद लेजर वैली पहले से अधिक सुंदर, सुरक्षित और सभी वर्गों के लोगों के लिए सुविधाजनक बनेगी.
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लेजर वैली की क्या है खासियत?
लेजर वैली चंडीगढ़ के प्रमुख सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों का भी मुख्य केंद्र है. यहां हर वर्ष चंडीगढ़ कार्निवल, रोज फेस्टिवल और कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. नगर निगम ने 39वें गुलदाउदी शो 2026 और 55वें रोज फेस्टिवल 2027 के आयोजन के लिए भी स्पॉन्सरशिप मॉडल अपनाने का फैसला किया है. पिछले वर्ष की तरह इस बार भी इन आयोजनों पर नगर निगम का कोई प्रत्यक्ष खर्च नहीं होगा.
नगर निगम एजेंसियों, कंपनियों, फर्मों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य संस्थाओं से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित करेगा. इच्छुक एजेंसियों को एक लाख रुपये की अर्नेस्ट मनी जमा करनी होगी और पिछले तीन वर्षों के आयकर रिटर्न सहित जरूरी वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.
स्पॉन्सर एजेंसियों को क्या मिलेगा अधिकार?
स्पॉन्सर एजेंसियों को विभिन्न स्थानों पर ब्रांडिंग और विज्ञापन का अधिकार मिलेगा. विज्ञापन बोर्डों का 60 प्रतिशत हिस्सा स्पॉन्सर एजेंसियों के लिए और 40 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम के प्रचार के लिए सुरक्षित रहेगा. गुलदाउदी शो और रोज फेस्टिवल के दौरान मुख्य मंच, एलईडी स्क्रीन, बैनर, फूड कोर्ट, मनोरंजन पार्क, कॉर्पोरेट स्टॉल और अन्य गतिविधियों में भी स्पॉन्सर को ब्रांडिंग की सुविधा दी जाएगी.