मानसून से पहले अलर्ट मोड में चंडीगढ़ प्रशासन, जलभराव रोकने के लिए तेज हुई तैयारियां
मानसून की दस्तक से पहले चंडीगढ़ प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं से बचने के लिए इस बार प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से मानसून की तैयारी शुरू कर दी गई है. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारिश शुरू होने के बाद शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव की स्थिति न बने और नागरिकों को आवागमन या अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
इसके लिए नालों की सफाई से लेकर सड़कों की मरम्मत और पेड़ों की छंटाई तक कई मोर्चों पर एक साथ काम किया जा रहा है.
प्रमुख नालों की सफाई पर विशेष ध्यान
मानसून तैयारियों के तहत प्रशासन ने शहर के प्रमुख जल निकासी तंत्र को दुरुस्त करने पर विशेष फोकस किया है. खासतौर पर पटियाला की राव की सफाई और उसमें जमा गाद को निकालने का कार्य तेजी से चल रहा है. अधिकारियों का मानना है कि बरसात के दौरान पानी की निकासी सुचारू बनाए रखने के लिए नालों का साफ और अवरोधमुक्त होना बेहद जरूरी है. इसके अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रोड गलियों और छोटे ड्रेनेज चैनलों की सफाई का कार्य भी युद्धस्तर पर किया जा रहा है. इंजीनियरिंग विभाग लगातार इन कार्यों की निगरानी कर रहा है ताकि कहीं भी पानी के बहाव में रुकावट न आए.
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रोड गलियों की सफाई का लक्ष्य
प्रशासन ने मानसून शुरू होने से पहले सभी रोड गलियों और नालों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. अधिकारियों के अनुसार जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शहरी बाढ़ प्रबंधन के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल निकासी तंत्र समय रहते साफ और सुचारू रखा जाए तो भारी बारिश के दौरान भी जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. इसी रणनीति के तहत शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है.
पेड़ों की छंटाई और सड़कों की मरम्मत
बरसात के मौसम में अक्सर पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने से दुर्घटनाओं और यातायात अवरोध की घटनाएं सामने आती हैं. इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शहरभर में पेड़ों की सूखी और कमजोर शाखाओं की छंटाई का अभियान भी तेज कर दिया है. साथ ही जिन स्थानों पर सड़कें या रोड गलियां क्षतिग्रस्त हैं, वहां मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है.
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सके. प्रशासन के अनुसार मानसून तैयारियों से जुड़े सभी कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है. फील्ड अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.