इमिग्रेशन नियम सख्त! कनाडा सरकार ने लगाई नई पाबंदियां, अवैध घुसपैठ पर 14 दिन की डेडलाइन

कनाडा में रह रहे हजारों प्रवासियों, खासकर पंजाबी समुदाय के लिए इमिग्रेशन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) के माध्यम से बिल C 12 के तहत नए नियम लागू किए हैं.

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Meenu Singh

कनाडा में रह रहे हजारों प्रवासियों, खासकर पंजाबी समुदाय के लिए इमिग्रेशन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) के माध्यम से बिल C 12 के तहत नए नियम लागू किए हैं. इन बदलावों का उद्देश्य शरणार्थी दावों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाना है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता और सुरक्षा मिल सके.

IRCC के अनुसार, हाल के वर्षों में शरणार्थी आवेदनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे मामलों के निपटारे में देरी हो रही थी. इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने छह प्रमुख बदलाव लागू किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था प्रशासनिक बोझ कम करने के साथ साथ इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक व्यवस्थित बनाएगी.

शरणार्थी दावे के लिए तय की गई समय सीमा

नए नियमों के तहत अब किसी भी व्यक्ति को कनाडा पहुंचने के निर्धारित समय के अंदर ही शरणार्थी दावा दाखिल करना होगा. यदि कोई व्यक्ति तय सीमा के बाद आवेदन करता है, तो उसका मामला इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के समक्ष नहीं भेजा जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे लंबित मामलों की संख्या कम होगी और वास्तविक आवेदकों को जल्द सुनवाई मिल सकेगी.


अवैध सीमा पार करने वालों के लिए विशेष प्रावधान

जो लोग अमेरिका से कनाडा की सीमा आधिकारिक प्रवेश बिंदुओं के अलावा अन्य रास्तों से पार करते हैं, उन्हें 14 दिनों के भीतर शरणार्थी दावा करना अनिवार्य होगा. निर्धारित अवधि के बाद किए गए दावों को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

डिजिटल प्रक्रिया और डेटा साझा करने की सुविधा

सरकार अब ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को बढ़ावा दे रही है. केवल पूर्ण दस्तावेजों के साथ जमा किए गए आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे. इसके अलावा IRCC को विभिन्न सरकारी विभागों के साथ आवश्यक जानकारी साझा करने का कानूनी अधिकार भी दिया गया है, जिससे सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय बेहतर हो सके.

दस्तावेजों पर सरकार की बढ़ी शक्तियां

नए नियमों के अनुसार जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार वीजा, स्टडी परमिट या वर्क परमिट जैसे दस्तावेजों में संशोधन, निलंबन या रद्द करने का निर्णय ले सकती है. हालांकि ऐसे निर्णयों की जानकारी संसद को देना आवश्यक होगा.

सुरक्षा के लिए PRRA व्यवस्था बरकरार

जो लोग नए नियमों के तहत शरणार्थी दावा करने के पात्र नहीं होंगे, उनके लिए भी प्री रिमूवल रिस्क असेसमेंट (PRRA) का विकल्प उपलब्ध रहेगा. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि किसी व्यक्ति को ऐसे देश वापस न भेजा जाए, जहां उसके जीवन या सुरक्षा को खतरा हो.