मिशन पंजाब 2027 पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 30 अगस्त से 10 दिन के दौरे पर रहेंगे भूपेश बघेल

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल 30 अगस्त से 10 दिन के पंजाब दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर संगठन की स्थिति का जायजा लेंगे.

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Km Jaya

चंडीगढ़: 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज करते हुए, कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल 30 अगस्त से राज्य के 10-दिवसीय दौरे पर निकलेंगे. इस दौरान, वे पार्टी की जमीनी स्थिति का जायजा लेने, पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने के लिए अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे. 

कांग्रेस नेतृत्व का मकसद बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक लेना है. अपने दौरे के पहले चरण में भूपेश बघेल 30 अगस्त को चंडीगढ़ पहुंचेंगे. इसके बाद वे अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस अधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे. 2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी इन बैठकों में बुलाया गया है. जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, हल्का अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों और ब्लॉक कमेटी के सदस्यों को भी शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं.

बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

बैठकों का मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करना, संगठन की मौजूदा स्थिति का आकलन करना और स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना है. कांग्रेस नेतृत्व हर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, स्थानीय मुद्दों और पार्टी कार्यकर्ताओं के सुझावों के आधार पर चुनाव रणनीति तैयार करेगा. बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा.


कैप्टन संदीप संधू ने क्या निर्देश दिए?

पंजाब कांग्रेस के संगठन प्रभारी महासचिव कैप्टन संदीप संधू ने सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर बैठकों में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि संगठन से जुड़ी हर स्तर की जानकारी नेतृत्व तक पहुंचे और चुनाव रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके.

इससे पहले, भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ में छह दिन बिताए थे और पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई बैठकें की थीं. उस दौरान उन्होंने पार्टी के भीतर गुटबाजी, संगठनात्मक चुनौतियों और चुनाव तैयारियों के बारे में कांग्रेस आलाकमान को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने पंजाब कांग्रेस संगठन में किसी भी बड़े बदलाव की संभावना को खारिज कर दिया था. 

पंजाब कांग्रेस कुछ समय से अंदरूनी गुटबाजी की चुनौती का सामना कर रही है. राज्य अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं. पार्टी नेतृत्व अब इन मतभेदों को सुलझाने, संगठन को एकजुट करने और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है. माना जा रहा है कि भूपेश बघेल का दौरा कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति बनाने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिहाज से अहम साबित हो सकता है.