पंजाब: नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस ने पार्टी से किया निष्कासित, पहले ही कर चुकी थीं पार्टी छोड़ने का ऐलान

कांग्रेस पार्टी ने नवजोत कौर को पार्टी से निकाल दिया है. उन्हें पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था, सिद्धू ने पहले ही उनके पार्टी छोड़ने का ऐलान भी कर दिया था.

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Km Jaya

चंडीगढ़: भूपेश बघेल आज अमृतसर में डॉ. राजकुमार वेरका के घर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बात की और कई अहम मुद्दों पर पंजाब और केंद्र सरकार की आलोचना की. भूपेश बघेल ने साफ कहा कि नवजोत कौर सिद्धू को पहले पार्टी से सस्पेंड किया गया था, लेकिन अब उन्हें निकाल दिया गया है.

यह मामला 2021 में शुरू हुआ. नवजोत सिद्धू की लॉबिंग के बाद कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया. जब नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति की बात आई, तो सबसे पहले सुनील जाखड़ का नाम सामने आया. कांग्रेस आलाकमान भी सहमत हो गया. हालांकि, फिर यह चर्चा उठी कि पंजाब एक सिख बहुल राज्य है और किसी हिंदू को मुख्यमंत्री बनाना सही नहीं होगा. इसके बाद जाखड़ का नाम हटा दिया गया.

रंधावा नाम पर क्यों भड़के नवजोत सिद्धू?

फिर सुखजिंदर रंधावा का नाम फाइनल हुआ. उनके घर पर मिठाइयां बांटी गईं और ढोल बजाए गए. जाखड़ के नाम पर विचार होने तक सिद्धू चुप रहे लेकिन जैसे ही रंधावा का नाम आया, नवजोत सिद्धू ने जोर दिया कि अगर किसी जाट सिख को मुख्यमंत्री बनाना है, तो उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाया जाए, नहीं तो किसी दलित चेहरे को चुना जाए. इसके बाद अचानक चरणजीत चन्नी का नाम सामने आया और उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया.

सिद्धू ने चुनाव में क्यों नहीं किया प्रचार?

इसके बाद, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष होने के बावजूद, सिद्धू ने 2022 के चुनावों में प्रचार नहीं किया. सिद्धू ने कहा कि अगर चन्नी सीएम चेहरा हैं, तो उन्हें सीटें जीतनी चाहिए. हालांकि, कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई. सिद्धू भी अमृतसर पूर्व से चुनाव हार गए. इसके बाद सिद्धू सक्रिय राजनीति से दूर हो गए और टेलीविजन और क्रिकेट में व्यस्त हो गए.

कुछ दिन पहले उनकी पत्नी नवजोत कौर चंडीगढ़ में राज्यपाल से मिलीं, जहां जब सिद्धू को सीएम बनाने का मुद्दा उठा, तो उन्होंने कहा कि सीएम बनने के लिए उनके पास 500 करोड़ रुपये से भरा सूटकेस नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस उन्हें CM चेहरा बनाती है, तभी वह एक्टिव होंगे. इसके बाद कांग्रेस पार्टी पर मुख्यमंत्री बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगा. नवजोत कौर यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने वारिंग और रंधावा पर टिकट बेचने का भी आरोप लगाया. जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.