चंडीगढ़: पंजाब के मोगा में 'बदलाव रैली' को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन को लेकर जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने अकेले दम चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. गौरतलब है कि पंजाब में चुनाव से पहले बीजेपी के अकाली दल से गठबंधन को लेकर चर्चाएं हो रही थी, लेकिन इन तमाम चर्चाओं और अटकलों पर अंकुश लगाते हुए शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि कि बीजेपी अब 'छोटा भाई' बनकर नहीं रहेगी. शाह ने जनता से अपील की कि कांग्रेस, अकाली और आप को परखने के बाद अब बीजेपी को सेवा का अवसर दें. उन्होंने राज्य में पूर्ण बहुमत वाली अपनी सरकार बनाने की मुहिम शुरू कर दी है.
शाह ने कहा कि बीजेपी अब पंजाब में अपनी सरकार बनाने की मुहिम शुरू कर रही है. लोकसभा चुनाव के 19 प्रतिशत वोट शेयर का जिक्र कर उन्होंने असम और हरियाणा की जीत याद दिलाई. उन्होंने स्पष्ट किया कि दशकों तक गठबंधन में रहने के बाद अब पार्टी अपने दम पर पंजाब का विकास करेगी. बीजेपी अब राज्य की राजनीति में स्वतंत्र भूमिका निभाएगी.
मतदाताओं को साधने के लिए शाह ने एलान किया कि बीजेपी सरकार बनने के एक महीने में जबरन धर्म परिवर्तन रोकने वाला कानून लाएगी. उन्होंने विपक्षी दलों पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सिख गुरुओं के बलिदान का सम्मान करते हुए धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. यह कानून राज्य की अस्मिता की रक्षा के लिए अनिवार्य है.
शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को केजरीवाल का 'पायलट' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल केजरीवाल को घुमाने में हो रहा है. शाह ने कहा कि पंजाब का खजाना आप पार्टी के लिए 'एटीएम' बन गया है, जिससे राज्य का विकास रुक गया है और आर्थिक संकट गहरा गया है. जनता अब इस शासन से बदलाव चाहती है.
नशे की समस्या पर शाह ने दो साल में पंजाब को ड्रग्स मुक्त करने का वादा किया. उन्होंने बताया कि देश की 45 प्रतिशत हेरोइन तस्करी यहीं से जुड़ी है. केंद्र के कड़े फैसलों का उदाहरण देते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि 'डबल इंजन' की सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित और नशा मुक्त बनाएगी. नशे के कारोबार को पूरी तरह कुचल दिया जाएगा.
2020 में गठबंधन टूटने के बाद अब बीजेपी अपनी जड़ों को मजबूत कर रही है. 2022 के मुकाबले अब पार्टी में कई अनुभवी नेता शामिल हुए हैं. शाह ने साफ संदेश दिया कि बीजेपी पंजाब के स्वाभिमान और तरक्की के लिए किसी भी समझौते के बिना अकेले संघर्ष करेगी. अब पंजाब में विकास की एक नई शुरुआत होगी.