चंडीगढ़: पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ने सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च एंड इनोवेशन (सीएचआरआई) के साथ मिलकर दिल और श्वसन संबंधी बीमारियों की जांच के लिए एआई आधारित उपकरण लगाने का निर्णय लिया है. इस परियोजना का उद्देश्य बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाना और मरीजों तक समय पर उपचार पहुंचाना है. पहले चरण में यह सुविधा तीन जिलों में शुरू की जाएगी.
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पटियाला, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में एआई तकनीक से लैस आधुनिक उपकरण स्थापित किए जाएंगे. इन जिलों में लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा.
परियोजना के अंतर्गत एआई आधारित ईसीजी मशीन और डिजिटल स्टेथोस्कोप लगाए जाएंगे. सनफॉक्स ईसीजी मशीन कम समय में हृदय की स्थिति का विश्लेषण करेगी. वहीं एआई स्टेथोस्कोप विशेष रूप से बच्चों में हृदय संबंधी समस्याओं की पहचान में सहायक साबित होगा. इससे कई गंभीर मामलों को शुरुआती स्तर पर पकड़ा जा सकेगा.
नई तकनीक का सबसे बड़ा लाभ मरीजों को सही समय पर सही चिकित्सा सुविधा दिलाने में मिलेगा. स्वास्थ्य कर्मी तुरंत तय कर सकेंगे कि मरीज का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव है या उसे विशेषज्ञ चिकित्सक के पास भेजने की आवश्यकता है. इससे उपचार में होने वाली देरी कम होगी.
इन उपकरणों से प्राप्त जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित की जाएगी. इससे विभिन्न क्षेत्रों में बीमारी के पैटर्न का अध्ययन करना आसान होगा. स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों के आधार पर उन इलाकों की पहचान कर सकेगा जहां हृदय और श्वसन रोगों का खतरा अधिक है.
परियोजना को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य नई तकनीक को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनाना है. यह पहल भविष्य में पूरे पंजाब में एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की मजबूत नींव तैयार कर सकती है.