कौन है कोल्हापुर की 'माधुरी'? 13 महीने बाद लौटी तो स्वागत में उमड़ा पूरा शहर
कोल्हापुर में हथिनी माधुरी की वापसी पर हजारों लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. करीब 13 महीने वनतारा में रहने के बाद वह नांदणी मठ लौटी. फूल बरसाकर लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में शनिवार रात का नजारा किसी बड़े नेता या फिल्म स्टार के स्वागत जैसा दिखा. हजारों लोग एक ट्रक के पीछे चल रहे थे और रास्ते में फूल-मालाओं से उसका स्वागत कर रहे थे. लेकिन इस भीड़ की वजह कोई सेलिब्रिटी नहीं, बल्कि हथिनी माधुरी थी, जिसे कोल्हापुर में महादेवी के नाम से भी जाना जाता है. करीब 13 महीने बाद गुजरात के वनतारा से लौटकर नांदणी गांव पहुंची माधुरी के स्वागत में पूरा इलाका उमड़ पड़ा.
माधुरी को शनिवार रात नांदणी गांव स्थित जैन मठ लाया गया. उसके पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए. लोगों ने रास्ते में फूल बरसाकर और फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया. माधुरी को ट्रक पर ले जाया जा रहा था और उसके पीछे भीड़ चल रही थी. वीडियो सामने आने के बाद यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. लोगों के लिए यह सिर्फ एक हथिनी की वापसी नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद घर लौटने की खुशी थी.
13 महीने बाद हुई घर वापसी
माधुरी को जुलाई 2025 में हाई पावर कमेटी के निर्देश पर गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा भेजा गया था. करीब 13 महीने तक वहां उसकी देखभाल और इलाज किया गया. इस दौरान कोल्हापुर में उसकी वापसी की मांग को लेकर लोगों के बीच लगातार चर्चा रही. मामला बॉम्बे हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. अब हाई पावर कमेटी के नए आदेश के बाद माधुरी को वापस नांदणी लाया गया है.
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वापसी के साथ लगाई गईं कई शर्तें
9 सितंबर 2026 को हाई पावर कमेटी ने नांदणी में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. इसके बाद माधुरी को वापस भेजने की अनुमति दी गई. हालांकि उसकी वापसी कुछ शर्तों के साथ हुई है. माधुरी को जुलूस या किसी अन्य सार्वजनिक आयोजन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. उसकी हर 15 दिन में चिकित्सकीय जांच होगी. वनतारा के डॉक्टर भी तय अंतराल पर नांदणी जाकर उसके स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे.
1992 में मठ लाई गई थी माधुरी
माधुरी को वर्ष 1992 में नांदणी मठ लाया गया था. उस समय उसकी उम्र करीब चार साल थी. मठ में लंबे समय से हाथी पालने की परंपरा बताई जाती है और माधुरी ने करीब 32 साल यहां बिताए. अक्टूबर 2023 में PETA की शिकायत के बाद उसके स्वास्थ्य को लेकर मामला सामने आया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी ने उसकी देखभाल और उपचार के लिए वनतारा भेजने का निर्देश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला
28 दिसंबर 2023 को HPC ने माधुरी को वनतारा भेजने का निर्देश दिया. सितंबर 2024 में समिति ने नांदणी जाकर उसकी स्थिति का निरीक्षण किया. मई 2025 में उसने अपने पुराने फैसले को बरकरार रखा. जुलाई 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी निर्णय को सही माना और 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के खिलाफ अंतिम याचिका खारिज कर दी. इसके बाद माधुरी वनतारा गई. 12 सितंबर 2026 को उसकी कोल्हापुर वापसी हुई.