सरकारी स्कूल में स्क्रीन पर बच्चों को दिखाई A-रेटेड फिल्म 'धुरंधर', मैहर में शिक्षक सस्पेंड; मचा हड़कंप

मध्य प्रदेश के मैहर जिले के कत्था ग्राम पंचायत हाई स्कूल में छात्रों को कथित तौर पर A-रेटेड फिल्म धुरंधर दिखाने के मामले में गेस्ट फैकल्टी टीचर को निलंबित कर दिया गया है.

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Km Jaya

मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्रों को A-रेटेड फिल्म दिखाए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि कत्था ग्राम पंचायत हाई स्कूल में गेस्ट फैकल्टी टीचर ने 31 जुलाई को स्कूल की डिजिटल क्लासरूम में छात्रों को फिल्म दिखाई. मामला सामने आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

जानकारी के अनुसार स्कूल में डिजिटल क्लासरूम पहल के तहत एक LED स्क्रीन लगाई गई थी. इसी स्क्रीन पर छात्रों को फिल्म का एक दृश्य देखते हुए पाया गया. ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो बनाया और 2 अगस्त को इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया.

शिक्षक पर क्या आरोप है?

आरोप है कि गेस्ट फैकल्टी शिक्षक ने स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के सामने सेंसर बोर्ड से A-रेटेड फिल्म धुरंधर चला दी. A-रेटिंग वाली फिल्में वयस्क दर्शकों के लिए निर्धारित होती हैं. ऐसे कंटेंट को नाबालिग छात्रों के सामने दिखाना स्कूल के नियमों और बाल सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है.


मामले की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की. शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू की गई है.

जिला शिक्षा अधिकारी ने क्या बताया?

जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा के अनुसार शिक्षक ने शुरुआती तौर पर दावा किया कि फिल्म की क्लिप गलती से चल गई थी. हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सामने आए वीडियो और घटना की परिस्थितियों को देखते हुए मामले की गंभीरता से जांच जरूरी है.

DEO का क्या है कहना?

DEO के मुताबिक नाबालिग छात्रों को वयस्क श्रेणी की फिल्म दिखाना नियमों का उल्लंघन है. इसलिए शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

घटना के बाद सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम के इस्तेमाल और डिजिटल कंटेंट की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्कूलों में स्मार्ट स्क्रीन और डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है. ऐसे में शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि छात्रों के सामने केवल उम्र और शैक्षणिक जरूरत के अनुरूप सामग्री ही दिखाई जाए.

इस मामले ने शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल कंटेंट की निगरानी की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. विभागीय जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि फिल्म स्कूल की स्क्रीन पर कैसे चलाई गई और इसमें शिक्षक की भूमिका क्या थी.

क्या लिया जाएगा एक्शन?

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन के बाद विभागीय जांच जारी रहेगी. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर शिक्षक के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल मामला मैहर जिले के शिक्षा विभाग के स्तर पर जांच के अधीन है.