महाकाल की नगरी उज्जैन में दूसरे दिन भी पथराव और आगजनी, पुलिस ने कई आरोपी किए गिरफ्तार,15 बसों को नुकसान

उज्जैन के तराना कस्बे में दो पक्षों के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. पथराव और बस जलाने की घटनाओं के बाद पुलिस ने इलाके को छावनी में बदल दिया और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई शुरू की.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते गंभीर हिंसा में बदल गया. शुक्रवार को हालात इतने बिगड़े कि घरों पर पथराव हुआ और बस को आग के हवाले कर दिया गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े. फिलहाल कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात है और शांति बनाए रखने की कोशिश जारी है.

घटना की शुरुआत गुरुवार शाम तराना में कुछ युवकों के बीच हुए आपसी विवाद से हुई. यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि सोहेल ठाकुर नामक युवक पर प्राणघातक हमला कर दिया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, उस समय मामला शांत होता दिख रहा था, लेकिन इस घटना की प्रतिक्रिया में अगले दिन माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और आक्रोश सड़कों पर उतर आया.

पथराव और आगजनी से दहशत

शुक्रवार को सोहेल ठाकुर पर हुए हमले के विरोध में माहौल गरमाया. इसी दौरान कुछ अज्ञात शरारती तत्व मोहल्लों में घुस गए और कई घरों पर पथराव किया. पत्थरों से खिड़कियों के शीशे टूट गए और लोगों में दहशत फैल गई. हालात यहीं नहीं रुके, उपद्रवियों ने बस में आग लगा दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया. उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. पूरे तराना कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की और हिंसा को रोका जा सके.

आरोपियों पर सख्त कार्रवाई

सोहेल ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया है. इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है. पुलिस का कहना है कि हिंसा और आगजनी में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

हालात सामान्य, पुलिस सतर्क

हमले में घायल सोहेल ठाकुर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर है और वह निगरानी में है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. फिलहाल इलाके में हालात काबू में बताए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस सतर्क है और लगातार निगरानी रखी जा रही है.

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से मोर्चा संभाला. अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस के अनुसार, इनमें पांच आरोपी सीधे मारपीट में शामिल थे, जबकि दस पर पत्थरबाजी का आरोप है. एक पक्ष की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनमें से पांच पकड़े जा चुके हैं. एक नाबालिग आरोपी फिलहाल फरार है. सीसीटीवी फुटेज से करीब 50 संदिग्धों की पहचान की गई है.

प्रदर्शन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हिंसा के बाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में तराना थाने पहुंचे. उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी, मकानों पर कार्रवाई और जुलूस निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. कुछ नेताओं ने थाने के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन का साफ कहना है कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे.