कीड़े वाला खाना, पीने के लिए गंदा पानी...जेल से भी ज्यादा बुरा हाल; आदिवासी छात्राओं ने बयां किया दर्द
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक हॉस्टल की लड़िकयों ने अपनी वार्डन से तंग आकर साहसी कदम उठाया. लगभग 25 आदिवासी छात्राएं 8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर के ऑफिस में पहुंच गईं.
भोपाल: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक अजीब मामला सामने आया है. इस मामला को सामने लाने के लिए सीनियर कॉलेज जनजातीय कन्या छात्रावास की 20-25 आदिवासी छात्राओं ने साहसी कदम उठाया है. 15 से 18 वर्ष की लड़कियां हॉस्टल की वार्डन की तानाशाही और खराब सुविधाओं से इस तरह परेशान हो गईं कि 8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर के कार्यालय पहुंच गई.
छात्राओं ने प्रशासनिक लापरवाही और आदिवासी छात्राओं की दुर्दशा को उजागर किया है. छात्राओं ने मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा बयां की, हालांकि उनके चेहरों पर वार्डन की धमकियों का डर साफ झलक रहा था.
खाने में 3 इंच लंबी इल्लियां
छात्राओं की मुख्य शिकायत हॉस्टल के भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी है. वे बताती हैं कि रोजाना खाने में इल्लियां और कीड़े निकलते हैं, जो उनकी सेहत को गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं. हाल ही की एक घटना में पांच छात्राओं की थालियों में 3 इंच लंबी इल्लियां मिलीं, जिसके बाद कई लड़कियों को उल्टियां शुरू हो गईं. कुछ की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा. एक छात्रा ने कहा कि हमने वार्डन रेखा प्रजापति से कई बार शिकायत की, लेकिन वे हर बार 'एडजस्ट कर लो' कहकर टाल देती हैं. हद तो तब हो गई, जब इतनी बड़ी इल्ली निकली. इसके अलावा पीने का पानी और साफ सफाई की भी समस्या था. छात्राओं का कहना है कि यह स्थिति जेल के कैदियों से भी बदतर है.
छात्राओं को धमकी देती थी वार्डन
वार्डन रेखा प्रजापति पर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि शिकायत करने पर वे न केवल डांटती हैं, बल्कि थप्पड़ मारती हैं और धमकाती हैं. एक छात्रा ने बताया कि वे कहती हैं कि तुम्हारी निजी बातें घरवालों को बता दूंगी या स्कूल न जाने और बाहर घूमने की शिकायत करूंगी.
विरोध करने पर वे अभिभावकों को फोन कर झूठी कहानियां सुनाती हैं. छात्राओं को हॉस्टल से बाहर निकलने से रोकने की कोशिश की गई, लेकिन गुस्से में वे पैदल ही कलेक्टरेट पहुंच गईं. कलेक्टर कार्यालय के बाहर एक घंटे तक नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद छात्राएं सभागार की ओर दौड़ीं. हंगामे की सूचना पर अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख मौके पर पहुंचीं और छात्राओं की पूरी बात सुनी. उन्होंने तत्काल हॉस्टल का निरीक्षण करने और सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया.