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IAS अवि प्रसाद की 'शादियों की हैट्रिक', तीसरी बार भी IAS दुल्हनिया से रचाई शादी; कूनो नेशनल पार्क में लिए फेरे

मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद ने तीसरी बार विवाह किया है. उनकी नई जीवनसंगिनी आईएएस अंकिता धाकरे बनी हैं. अवि प्रसाद की पिछली दोनों पत्नियां भी आईएएस अधिकारी रही हैं, जो वर्तमान में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में कलेक्टर के पद पर तैनात हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

भोपाल: मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद की तीसरी शादी की खूब चर्चा हो रही है. 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अंकिता धाकरे के साथ सात फेरे लिए हैं. यह विवाह 11 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में संपन्न हुआ. दिलचस्प बात यह है कि अवि प्रसाद की तीनों पत्नियां भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी रही हैं. वर्तमान में अवि प्रसाद रोजगार गारंटी परिषद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात हैं.

आईएएस अवि प्रसाद और अंकिता धाकरे का विवाह 11 फरवरी 2026 को कूनो नेशनल पार्क के शांत वातावरण में आयोजित किया गया. अंकिता धाकरे मूल रूप से मध्य प्रदेश के अशोकनगर की रहने वाली हैं और वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं. कूनो की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच हुई इस शादी की खबरें अब सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोर रही हैं. प्रशासनिक हलकों में इस विवाह को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं.

पहली पत्नी थीं आईएएस रिजु बाफना 

अवि प्रसाद ने अपनी पहली शादी अपने ही बैच की आईएएस अधिकारी रिजु बाफना के साथ की थी. दोनों 2014 बैच के अधिकारी हैं. हालांकि, उनका यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और अंततः तलाक हो गया. आईएएस रिजु बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं. करियर की शुरुआत में हुई यह शादी उस समय भी काफी चर्चित रही थी, लेकिन आपसी मतभेदों के कारण यह लंबी नहीं चल सकी.

दूसरी बार आईएएस मिशा सिंह से जुड़ा रिश्ता 

रिजु बाफना से अलग होने के बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से दूसरी शादी की थी. मिशा सिंह के साथ अवि प्रसाद का वैवाहिक जीवन लगभग चार सालों तक चला. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और यह रिश्ता भी तलाक के मोड़ पर आकर समाप्त हो गया. मिशा सिंह इस समय मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की कलेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं. इस दूसरे तलाक के बाद अवि प्रसाद ने जीवन में आगे बढ़ने का फैसला लिया.

अवि प्रसाद का प्रभावशाली प्रशासनिक करियर 

अवि प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले हैं. एक अधिकारी के रूप में उनका करियर उपलब्धियों भरा रहा है. कटनी जिले के कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ एक बड़ी जंग छेड़ी थी, जिसकी राज्य स्तर पर सराहना हुई थी. इसके अलावा वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. वर्तमान में वे राज्य रोजगार गारंटी परिषद के सीईओ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और विकास कार्यों को गति दे रहे हैं.