Twisha Sharma Case: पति के सरेंडर की पेशकश के बीच हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, दिल्ली से बुलाई AIIMS की टीम
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की भोपाल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है. उनके पति समर्थ सिंह ने हाई कोर्ट में सरेंडर करने की इच्छा जताई है, जबकि अदालत ने एम्स दिल्ली के डॉक्टरों से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विवाहिता ट्विशा शर्मा की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब बेहद गरमा गया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर एक साथ कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं. एक तरफ जहां मृतका के पति समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने की पेशकश की है, वहीं दूसरी तरफ अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला सुनाया है.
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से कानूनी शिकंजे में फंसे उनके पति समर्थ सिंह ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सामने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने अदालत से कहा कि वह अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने और कानून के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हालांकि, उन्होंने कोर्ट से एक विशेष गुजारिश भी की. समर्थ ने मांग की कि हाई कोर्ट निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) को यह निर्देश जारी करे कि उनकी नियमित जमानत याचिका पर आत्मसमर्पण वाले दिन ही सुनवाई कर तुरंत फैसला सुनाया जाए.
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी ट्विशा की मौत
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली 30 वर्षीय ट्विशा शर्मा बीते 12 मई को भोपाल के बाग मुगालिया एक्सटेंशन स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं. इस घटना के तुरंत बाद ट्विशा के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर एक साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया था. मृतका के माता-पिता का दावा है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के गहरे निशान थे और उसने मौत से कुछ समय पहले फोन पर बताया था कि उसका पति उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर रहा है.
हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाई कोर्ट ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की एकल पीठ ने निर्देश दिया है कि यह संवेदनशील प्रक्रिया अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा पूरी की जाएगी. कोर्ट ने साफ किया कि यह पोस्टमॉर्टम भोपाल में ही आयोजित होगा और दिल्ली से डॉक्टरों की टीम को लाने-ले जाने के लिए एक विशेष चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की जाएगी.
पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या था?
इससे पहले एम्स भोपाल में किए गए शुरुआती पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ट्विशा शर्मा की मौत गले में फंदा लगने से दम घुटने के कारण हुई थी. इस रिपोर्ट में उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर किसी भारी वस्तु से लगी कई मामूली चोटों का भी स्पष्ट उल्लेख था. हालांकि, दो दिन पहले भोपाल की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता ने परिवार की दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि केवल कुछ मामूली प्रक्रियागत कमियों के आधार पर अदालत दोबारा जांच का आदेश देने के लिए बाध्य नहीं है.
सीबीआई जांच की सिफारिश
पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव पहले पोस्टमॉर्टम में कई गंभीर विसंगतियां थीं, जिसके कारण उन्हें न्याय के लिए सीधे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था. इस बीच, मामले में बढ़ते जनाक्रोश और न्याय की मांग को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से उच्च-स्तरीय जांच कराने की आधिकारिक सिफारिश केंद्र को भेज दी है. राज्य सरकार ने देश की इस सर्वोच्च जांच एजेंसी को तत्काल प्रभाव से केस अपने हाथ में लेने की प्रशासनिक सहमति भी दे दी है.