मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर के पास उस समय चीख-पुकार मच गई, जब नवरात्रि के दौरान दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया. जिस रास्ते पर भक्त माता के दर्शन की उम्मीद लेकर आगे बढ़ रहे थे, वहीं अचानक मौत का मंजर दिखाई देने लगा. हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जबकि घायलों को बचाने के लिए तत्काल राहत अभियान शुरू किया गया.
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा रात करीब 1:30 बजे छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर हुआ. धान से लदा ट्रक पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ते हुए ढलान पर नीचे आया और मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से टकरा गया. इस दौरान सड़क पर मौजूद श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए. घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी फैल गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस समेत दूसरे वाहनों की मदद ली गई.
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी. छिनोर की ओर से आने वाली सड़क पर ढलान है और वहां भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है. इसके बावजूद धान से लदा ट्रक पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ गया. इसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से टकरा गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रक प्रतिबंधित रास्ते पर कैसे पहुंचा.
हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि 39 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 13 की मौत हो चुकी थी. पांच से छह मरीज गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें फ्रैक्चर हुए हैं. अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं. कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, करीब 29 लोगों को अलग-अलग तरह की चोटें आई हैं. घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर रख रहा है.
कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और दूसरे वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया. नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए संबंधित सड़क पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद था. ऐसे में प्रतिबंधित रास्ते पर भारी ट्रक का पहुंचना जांच का अहम पहलू है. प्रशासन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा और हादसे के पीछे क्या कारण रहे.
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसा रात करीब एक बजे हुआ. उसके मुताबिक, ट्रक में क्षमता से अधिक सामान लदा हुआ था और वह अचानक सड़क पर आ गया. उसने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा. प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी बताया कि ट्रक ने कुछ दुकानों और लोगों को कुचल दिया, जबकि उसके भाई को भी चोटें आई हैं. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बना हुआ था और लोग अपनों की तलाश में जुटे थे.
हादसे की वजह का पता लगाने के लिए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. कलेक्टर के अनुसार, ट्रक की मैकेनिकल जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम भेजी गई है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या हादसे के पीछे कोई अन्य वजह रही. साथ ही, प्रतिबंधित सड़क पर ट्रक के पहुंचने और बैरिकेड्स तोड़ने से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है. फिलहाल घायलों का इलाज जारी है.