तेज बहाव में फंस गई थी लड़की, दो युवकों की सूझबूझ ने बचा ली जान
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में दो युवकों ने अपनी सूझबूझ से एक लड़की की जान बचा ली. बता दें कि लड़की नहर में डूब रही थी और 'बचाओ पापा' चिल्ला रही थी.
भोपाल: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना में दो युवकों ने अपनी बहादुरी और समझदारी से एक लड़की की जान बचा ली. यह घटना बड़वाह इलाके में हुई, जहां ओंकारेश्वर बांध की मुख्य नहर में एक युवती डूबने लगी थी.
दोनों युवकों की सूझबूझकी वजह से बड़ा हादसा टल गया. अब इन दो युवकों की स्थानीय लोग और पुलिस भी जमकर तारीफ कर रही है.
घटना कैसे हुई?
बड़वाह थाना क्षेत्र में खंडवा रोड पर एक होटल के पास यह हादसा हुआ. युवती किसी कारणवश नहर में गिर गई. नहर करीब 25 फीट गहरी है और पानी का बहाव बहुत तेज था. वह बहते हुए एक कांटेदार झाड़ी को पकड़कर किसी तरह खुद को रोकने की कोशिश कर रही थी. डर के मारे वह बार-बार चिल्ला रही थी, "पापा बचाओ, पापा बचाओ!".
Also Read
- IPL ऑक्शन में छाया मध्य प्रदेश, 12 खिलाड़ियों की लगी लॉटरी, ट्रक ड्राइवर के बेटे पर विराट की टीम ने लगाए करोड़ों
- हैवानियत की हदें पार! 9 साल की बच्ची से रेप की कोशिश, मासूम के चिल्लाने पर बोरे में भरकर की पिटाई
- भारत ने बनाया ऐसा अनोखा हाईवे, जंगली जानवरों से नहीं टकराएंगी गाड़ियां! वीडियो में देखें क्यों है खास
उस समय वहां से गुजर रहे दो युवक दीपेश चौहान और सुजल बेलगोटिया ने उसकी पुकार सुनी. वे दोनों आरओ पानी की डिलीवरी का काम करते हैं और उस दिन भी अपने वाहन से काम निपटाकर लौट रहे थे. आवाज सुनते ही वे फौरन नहर की तरफ भागे.
सूझबूझ से बनाई रस्सी
मौके पर न तो रस्सी थी और न ही कोई और मदद करने वाला. नहर गहरी और बहाव तेज था फिर भी दोनों युवक नहीं डरे. उन्होंने फटाफट अपने कपड़े उतारे एक ने स्वेटर और दूसरे ने हुडी. इन कपड़ों को आपस में बांधकर उन्होंने एक मजबूत रस्सी जैसी चीज बना ली.
सुजल ने रस्सी का एक छोर किनारे पर पकड़ा और दीपेश दूसरे छोर को थामकर पानी में उतर गए. तेज बहाव में दीपेश ने काफी संघर्ष किया लेकिन आखिरकार युवती का हाथ पकड़ लिया. सुजल की मदद से दोनों ने मिलकर उसे बाहर खींच लिया.
बचाव के बाद की स्थिति
बाहर निकलते ही युवती बेहोश सी हो गई और जमीन पर गिर पड़ी. झाड़ी पकड़ने से उसके हाथों से खून बह रहा था और मुंह से झाग निकल रहा था. वह इतनी डरी हुई थी कि अपना नाम या पता भी नहीं बता पा रही थी.
दीपेश और सुजल ने देर न करते हुए उसे तुरंत बड़वाह के सरकारी अस्पताल पहुंचाया. वहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया और अब उसकी हालत स्थिर है.