आग की अफवाह सुनकर ट्रेन से कूद गए यात्री, 4 लोगों की दूसरी ट्रेन से कटकर हुई मौत

मध्य प्रदेश के मुरैना में रविवार शाम उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग की अफवाह फैलने से घबराए यात्री चलती ट्रेन से कूद गए. दूसरी पटरी पर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई.

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Kanhaiya Kumar Jha

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से रविवार की शाम एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई. हेतमपुर स्टेशन के पास खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की झूठी अफवाह फैलते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई. घबराए लोग बिना सोचे-समझे चलती ट्रेन से नीचे कूदने लगे. इसी दौरान बगल की पटरी पर फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस आ गई और कई यात्री उसकी चपेट में आ गए. अब तक तीन महिलाओं और एक बच्चे के शव बरामद किए जा चुके हैं.

शाम करीब चार बजे उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस मुरैना से धौलपुर की ओर जा रही थी. किसी यात्री ने ट्रेन के जनरल कोच में आग लगने की अफवाह उड़ा दी. देखते ही देखते पूरे डिब्बे में हड़कंप मच गया. घबराहट में किसी ने अलार्म चेन खींच दी और ट्रेन हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड के बीच खुले सेक्शन में जाकर रुक गई. यह एक पल की अफवाह चार ज़िंदगियाँ निगल गई.

पटरी पर उतरे, पातालकोट ने रौंदा

ट्रेन रुकते ही कई यात्री बिना कुछ सोचे नीचे उतर गए और पास की दूसरी रेल पटरी पर जा खड़े हुए. ठीक उसी वक्त विपरीत दिशा से फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज रफ्तार से आ रही थी. वहां खड़े यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आते ही कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और चार की मौके पर ही मौत हो गई.


घटनास्थल पर कोहराम

हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. चीखें और रुदन का माहौल छा गया. सराय छोला थाना प्रभारी केके सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. तीन महिलाओं और एक बच्चे के शव बरामद किए गए हैं. घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है.

रेलवे और प्रशासन मौके पर

उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शाम लगभग 4:15 बजे अलार्म चेन पुलिंग के कारण ट्रेन रुकी और यह दुर्घटना हुई. सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. प्रभावित यात्रियों को ज़रूरी सहायता मुहैया कराई जा रही है.

रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि ट्रेन में वास्तव में कोई आग नहीं लगी थी. महज एक अफवाह ने इतना बड़ा हादसा करा दिया. अधिकारियों ने घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. यह हादसा एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि भीड़ में फैलने वाली झूठी अफवाहें कितनी जानलेवा साबित हो सकती हैं.