बेंगलुरु खो देगा अपनी 'टेक राजधानी' की चमक! कंपनियां बना रहीं दूसरे शहर में शिफ्ट होने का प्लान, जानें कारण
BlackBuck Company: बेंगलुरु की ब्लैकबक नाम की कंपनी ने शहर से बाहर शिफ्ट होने का प्लान बना लिया है. ऐसे में अब बेंगलुरु पर टेक राजधानी होने पर खतरा मंडराने लगा है और इसके पीछे की हैरान करने वाली वजह सामने आई है.
BlackBuck Company: बेंगलुरु, जिसे भारत की टेक्नोलॉजी राजधानी कहा जाता है, अब कंपनियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. शहर की सड़कों की खराब हालत, ट्रैफिक जाम और बुनियादी ढांचे की कमी ने कई कंपनियों को मजबूर कर दिया है कि वे अपने कार्यालयों को शहर के बाहर शिफ्ट करने की योजना बनाएं. हाल ही में, ऑनलाइन ट्रकिंग प्लेटफॉर्म ब्लैकबक ने अपने बेलंदूर स्थित कार्यालय को दूसरी जगह ले जाने का फैसला किया है, जिसने इस समस्या को और सुर्खियों में ला दिया है.
बेंगलुरु का बेलंदूर इलाका, जो शहर के प्रमुख आईटी कॉरिडोर में से एक है, लंबे समय से ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों की समस्या से जूझ रहा है. ब्लैकबक के सह-संस्थापक और सीईओ राजेश याबाजी ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके कर्मचारियों को एक तरफ का सफर करने में औसतन डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लगता है.
कंपनियों का बढ़ता असंतोष
ब्लैकबक अकेली कंपनी नहीं है जो इन समस्याओं से परेशान है. बेंगलुरु में कई अन्य कंपनियां भी सड़कों की बदहाली और ट्रैफिक की वजह से परेशान हैं. ग्रेटर बेंगलुरु आईटी कंपनीज एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार गौड़ा ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि खराब बुनियादी ढांचे की वजह से कंपनियां शहर छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं. उन्होंने सरकार से मांग की है कि सड़कों, मेट्रो कनेक्टिविटी और अन्य सुविधाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि बेंगलुरु अपनी टेक्नोलॉजी हब की पहचान बरकरार रख सके.
सरकार का दावा और हकीकत
हाल ही में बेंगलुरु की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर एक स्कूली बच्चों का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सड़कों के गड्ढों और यात्रियों की परेशानियों को दिखाया गया था. इसके बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु विकास मंत्री डी.के. शिवकुमार ने शहर में सड़कों के विकास के लिए 1,100 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की घोषणा की.
ब्लैकबक का कारोबार और उसका महत्व
ब्लैकबक एक प्रमुख डिजिटल लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जो बेंगलुरु से संचालित होती है. यह कंपनी ट्रकिंग सेक्टर में काम करती है और शिपर्स को ट्रक ड्राइवरों से जोड़ने के लिए एक ऑनलाइन मंच प्रदान करती है. कंपनी ट्रकों की बुकिंग, लोडिंग, ट्रैकिंग और भुगतान जैसी सेवाएं देती है. इसके नेटवर्क में 2.5 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड ट्रक हैं, और यह भारत के 2,000 से अधिक स्थानों पर अपनी सेवाएं देती है. ऐसे में, इस कंपनी का बेलंदूर से शिफ्ट होने का फैसला बेंगलुरु के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
और पढ़ें
- Karnataka Weather: अगले 2 दिनों तक कर्नाटक में बारिश बनेगी आफत! कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी, पढ़ें पूरा वेदर अपडेट
- IAF Engineer Died: बहन के घर गए इंडियन एयरफोर्स के इंजीनियर ने की सुसाइड, 24 मंजिल से कूदने से दर्दनाक मौत
- कर्नाटक में जातीय जनगणना शुरू होने से पहले मचा बवाल, सिद्धारमैया के दांव से लिंगायत समुदाय में बड़ा कंफ्यूजन!