बेंगलुरु में NEET री-एग्जाम वाले दिन ट्रैफिक में फंसे छात्र, विपक्ष ने कांग्रेस के कार्यक्रम पर उठाए सवाल
बेंगलुरु में NEET-UG री-एग्जाम के दिन ट्रैफिक जाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया. छात्रों ने परीक्षा केंद्र पहुंचने में देरी की शिकायत की, जबकि विपक्षी पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर खराब योजना का आरोप लगाया. चलिए जानते हैं राज्य सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा.
बेंगलुरु: बेंगलुरु में रविवार को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के दौरान भारी ट्रैफिक जाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया. कई छात्रों और उनके अभिभावकों ने आरोप लगाया कि शहर में यातायात जाम के कारण उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में देरी हुई. इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस सरकार को घेरते हुए खराब ट्रैफिक प्रबंधन और लापरवाही का आरोप लगाया.
छात्रों के अनुसार परीक्षा के दिन शहर के कई हिस्सों में भारी जाम लगा था, जिससे उन्हें केंद्रों तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई. कुछ छात्रों ने दावा किया कि वे समय पर पहुंचने के लिए संघर्ष करते रहे और परीक्षा छूटने का खतरा भी पैदा हो गया था. इससे छात्रों और अभिभावकों में तनाव का माहौल देखा गया.
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क्यों भड़का विवाद?
विवाद उस समय बढ़ गया जब उसी दिन बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था. यह कार्यक्रम कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष के रूप में बी.के. हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर रखा गया था.
जनता दल (सेक्युलर) और भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने हजारों छात्रों की महत्वपूर्ण परीक्षा के दिन बड़े राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति देकर गलत प्राथमिकताएं तय कीं. जेडी(एस) ने कहा कि इस कार्यक्रम ने छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया और कुछ परीक्षार्थी समय पर केंद्र तक नहीं पहुंच सके.
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने क्या लगाया आरोप?
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हजारों छात्र परीक्षा दे रहे थे, तब कांग्रेस को इस तरह का कार्यक्रम आयोजित नहीं करना चाहिए था. वहीं भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी आरोप लगाया कि रैली के कारण कई छात्रों को घबराहट में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना पड़ा.
हालांकि राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा कि विपक्ष गलत जानकारी फैला रहा है. उनके अनुसार आरसी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर 720 छात्रों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 142 छात्र अनुपस्थित रहे. उन्होंने बताया कि केवल तीन छात्र परीक्षा नहीं दे सके और सभी मामलों को कांग्रेस कार्यक्रम से जोड़ना सही नहीं है.
गृह मंत्री ने क्या कहा?
गृह मंत्री ने कहा कि एक छात्र समय पर बस नहीं मिलने के कारण देर से पहुंचा, जबकि दूसरा छात्र पुराने एडमिट कार्ड के साथ आया था. तीसरे मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी और सार्वजनिक सूचना जारी कर दी थी.
इस बीच देशभर में NEET-UG री-एग्जाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित किया गया. परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो. कई छात्रों ने दोबारा परीक्षा देने को लेकर चिंता और मानसिक दबाव की बात भी कही. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से बिना डर और चिंता के परीक्षा देने की अपील की तथा परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भरोसा जताया.