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कर्नाटक: मांड्या में LPG की कमी से फ्यूल बंकर हुए बंद, ऑटो ड्राइवरों की कमाई पर पड़ रहा असर

मंड्या में एलपीजी की कमी से ऑटो चालक परेशान हैं. फ्यूल बंकर बंद हैं और ड्राइवरों की कमाई पर संकट गहरा गया है. शहर के कई ऑटो फ्यूल बंकर पिछले कई दिनों से बंद पड़े हैं

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Km Jaya

मांड्या: कर्नाटक के मांड्या में एलपीजी की भारी कमी ने ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर गंभीर असर डाला है. शहर के कई ऑटो फ्यूल बंकर पिछले कई दिनों से बंद पड़े हैं और वहां 'नो स्टॉक' के बोर्ड लगे हुए हैं. इससे सैकड़ों चालकों के सामने कमाई का संकट खड़ा हो गया है.

ऑटो चालक जो रोजाना की कमाई पर निर्भर रहते हैं, इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. कई ड्राइवरों ने लोन लेकर अपने वाहन खरीदे हैं और अब गैस न मिलने के कारण वे अपनी किस्तें भरने को लेकर चिंतित हैं. बंकर बंद होने के चलते कई चालक अपने ऑटो लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं लेकिन उन्हें ईंधन नहीं मिल पा रहा है.

क्या है इसका कारण?

बंकर संचालकों के अनुसार यह स्थिति एलपीजी की आपूर्ति में भारी कमी के कारण बनी है. उन्होंने बताया कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि सप्लाई कब सामान्य होगी. इस वजह से कई चालकों को मजबूरी में वैकल्पिक काम तलाशना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है.

इस संकट के पीछे वैश्विक कारण भी बताए जा रहे हैं. मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और संघर्ष का असर एलपीजी आपूर्ति पर पड़ा है, जिससे भारत में घरेलू और व्यावसायिक गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है. इसका सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है.

आपूर्ति बहाल करने के लिए क्या किए जा रहे?

इस बीच भारत में एलपीजी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं. हाल ही में भारत का गैस कैरियर जहाज ग्रीन सांवरी करीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजर चुका है. इससे पहले MT जग वसंत के जरिए 47,000 मीट्रिक टन गैस गुजरात के वाडिनार टर्मिनल पर पहुंचाई गई थी.

सरकारी सूत्रों के अनुसार भारतीय नौसेना भी इस दौरान व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देने के लिए तैयार रही, ताकि समुद्री मार्ग में किसी तरह की बाधा न आए. केंद्र सरकार ईरान के साथ बातचीत कर सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है.

ऑटो चालकों ने क्या रखी मांग?

ऑटो चालकों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर जल्द ही गैस आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उनकी आजीविका पूरी तरह ठप हो सकती है और वे आर्थिक संकट में फंस सकते हैं.

यह स्थिति न केवल मंड्या बल्कि अन्य शहरों के लिए भी चेतावनी है, जहां ईंधन आपूर्ति में बाधा आने से रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर पड़ सकता है.