कर्नाटक में पान मसाला और गुटखा पर सख्ती, नशीले पदार्थ मिलने पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध; डीके शिवकुमार का बड़ा ऐलान
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चेतावनी दी है कि यदि पान मसाला, गुटखा या सुपारी में नशीले पदार्थों की मिलावट पाई गई तो राज्य में ऐसे सभी उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने पान मसाला और गुटखा में नशीले पदार्थों की मिलावट को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी पान मसाला, गुटखा, सुपारी या अन्य उत्पाद में नशीले पदार्थों की थोड़ी भी मिलावट पाई गई, तो राज्य में ऐसे सभी उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर लोगों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं करेगी.
मुख्यमंत्री ने यह बयान रविवार को बेंगलुरु के कांतीरवा स्टेडियम में राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 31वें स्थापना दिवस और 'नशा मुक्त भारत अभियान' कार्यक्रम के दौरान दिया. उन्होंने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ पान मसाला, गुटखा और सुपारी उत्पादों में नशीले पदार्थ मिलाकर बेचे जा रहे हैं. यदि यह सच पाया गया और इसे तुरंत नहीं रोका गया, तो ऐसे सभी उत्पादों पर राज्य में पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा.
डीके शिवकुमार ने क्या कहा?
डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार का लक्ष्य राज्य को नशा मुक्त बनाना है. इसके लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और युवाओं से नशे के खिलाफ इस मुहिम में शामिल होने की अपील कर रही है. उन्होंने कहा कि नशे की लत रोकना एक बड़ी चुनौती है और इससे निपटने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा.
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अपने संबोधन में उन्होंने और क्या कहा?
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय है और यहां से सबसे अधिक डॉक्टर तैयार हुए हैं. उन्होंने बताया कि कर्नाटक में 70 मेडिकल कॉलेज हैं, जो देश के किसी भी अन्य राज्य से अधिक हैं.
क्या है सरकार का उद्देश्य?
उन्होंने कहा कि कर्नाटक को देश की मेडिकल कैपिटल के रूप में पहचान मिली है. राज्य में बड़ी संख्या में अस्पताल और चिकित्सा संस्थान मौजूद हैं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं. उन्होंने यह भी घोषणा की कि राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को बेंगलुरु दक्षिण जिले में नए परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे छात्रों और चिकित्सा शिक्षा को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है. उन्होंने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो सरकार कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी.