menu-icon
India Daily

'खुले पैसे नहीं हैं तो उतरो...', मास्क पहनकर बस में सफर कर रहे परिवहन मंत्री से बोला कंडक्टर, फिर जो हुआ....

कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने भेष बदलकर सरकारी बसों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने दुर्व्यवहार करने वाले बस स्टाफ को निलंबित कर यात्रियों की सहूलियत बढ़ाने की सख्त चेतावनी दी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'खुले पैसे नहीं हैं तो उतरो...', मास्क पहनकर बस में सफर कर रहे परिवहन मंत्री से बोला कंडक्टर, फिर जो हुआ....
Courtesy: X

कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने शनिवार रात बेंगलुरु की सरकारी बीएमटीसी (BMTC) बसों में आम यात्रियों की समस्याओं को करीब से जानने के लिए एक अनोखा कदम उठाया. उन्होंने किसी वीआईपी तामझाम के बिना, एक साधारण यात्री का भेष धारण किया और करीब दो घंटे तक 10 से अधिक बसों में सफर किया. इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर परिवहन सेवाओं और कर्मचारियों के व्यवहार की हकीकत को परखना था.

लापरवाही पर गिरी निलंबन की गाज

इस औचक जांच के दौरान मंत्री को कर्मचारियों की भारी मनमानी देखने को मिली. बस संख्या KA-57 F-3372 के चालक और परिचालक (कंडक्टर) ने 'फन वर्ल्ड' स्टॉप पर एक यात्री द्वारा स्पष्ट इशारा किए जाने के बावजूद बस नहीं रोकी. यात्रियों के प्रति इस गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन व्यवहार को बेहद गंभीरता से लेते हुए मंत्री बायराथी सुरेश ने अनुशासन का कड़ा संदेश देने के लिए दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए.

जब खुद मंत्री को मिला कड़वा अनुभव

सफर के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया तब हुआ जब हेब्बाल से नागाशेट्टीहल्ली मार्ग पर यात्रा करते समय खुद मंत्री को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा. उन्होंने टिकट के लिए जब कंडक्टर को 100 रुपये का नोट थमाया, तो कंडक्टर ने चिल्लर न होने का बहाना बनाकर उन्हें बस से नीचे उतर जाने को कह दिया. वह अनजान था कि जिसे वह डांट रहा है, वह सूबे के परिवहन मंत्री हैं. इसके अलावा मंत्री ने नागाशेट्टीहल्ली में मीटर से अधिक पैसे वसूल रहे एक ऑटो चालक को भी आड़े हाथों लिया.

जवाबदेही और सुधार की सख्त चेतावनी

इस औचक निरीक्षण के बाद परिवहन मंत्री ने साफ कर दिया कि बेंगलुरु के नागरिकों को बेहतर और सुगम यात्रा का अनुभव देना उनकी प्राथमिकता है. सार्वजनिक परिवहन में लापरवाही, मनमानी और बदतमीजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कर्मचारियों में जवाबदेही तय करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे.